Death Symptoms: मौत से 24 घंटे पहले शरीर देता है ये 3 संकेत! नर्स ने शेयर किया चौंकाने वाला अनुभव

PC: NEWS18 HINDI

इंसान को नहीं पता होता कि मौत कब आएगी। लेकिन अचानक मौत के पीछे कई अलग-अलग कारण होते हैं। कुछ किसी गंभीर बीमारी से मरते हैं, कुछ किसी एक्सीडेंट में मरते हैं, तो कुछ नींद में मर जाते हैं। मौत हर किसी की ज़िंदगी में एक ज़रूरी सच्चाई है। लेकिन, कई लोग मौत के बारे में सोचकर भी डर जाते हैं।

चाहे किसी अपने की मौत का डर हो या खुद की मौत का डर, यह अनुभव कई लोगों के लिए इमोशनली मुश्किल होता है। ऐसे में, अमेरिका की एक अनुभवी हॉस्पिस नर्स ने मौत के बहुत करीब मौजूद मरीज़ों में देखे जाने वाले कुछ आम बदलावों के बारे में बताया है। उनके 16 साल के अनुभव से सामने आई ये बातें मरने की प्रक्रिया के डर को कम करने में मदद कर सकती हैं।

नर्स जूली मैकफैडेन कौन हैं?
अमेरिकी हॉस्पिस नर्स जूली मैकफैडेन पिछले 16 सालों से गंभीर और लाइलाज बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों की देखभाल कर रही हैं। वह सोशल मीडिया पर 'नर्स जूली' के नाम से भी मशहूर हो गई हैं। वह TikTok जैसे प्लेटफॉर्म पर मौत, आखिरी दिनों और मरीज़ों के अनुभवों के बारे में जानकारी शेयर करती हैं।

उन्होंने एक किताब भी लिखी है, 'नथिंग टू फियर: डेमिस्टिफाइंग डेथ टू लिव मोर फुल्ली'। इसका मकसद मौत के बारे में गलतफहमियों को दूर करना और इस प्रोसेस के बारे में लोगों में अवेयरनेस पैदा करना है।

मौत के करीब दिखने वाले 3 आम बदलाव
नर्स जूली का एक्सपीरियंस बताता है कि मौत के करीब पहुंचने वाले मरीज़ों में कुछ फिजिकल और मेंटल बदलाव होते हैं। इनमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं।

1. खाने-पीने की इच्छा में कमी
कई मरीज़ों को मौत के करीब आने पर भूख और प्यास में कमी महसूस हो सकती है। जैसे-जैसे शरीर की एनर्जी का इस्तेमाल धीमा होता जाता है, उनके खाने और पानी की ज़रूरत भी बदल जाती है। ऐसे मामलों में, मरीज़ को ज़बरदस्ती खिलाने के बजाय मेडिकल सलाह मानना ​​ज़रूरी है।

2. नींद में बढ़ोतरी और रिस्पॉन्स में कमी
कई मरीज़ आखिरी स्टेज में ज़्यादा समय सोते हैं। उन्हें जगाना मुश्किल हो सकता है। उनकी बोलने या दूसरों को जवाब देने की क्षमता भी कम हो सकती है।

3. सांस लेने के पैटर्न में बदलाव
जैसे-जैसे मौत करीब आती है, सांस लेना इर्रेगुलर हो सकता है। कभी सांस तेज़ी से चलती रहती है, तो कभी रुकती हुई लगती है। कुछ मरीज़ों को सांस लेते समय घरघराहट या अजीब आवाज़ भी आ सकती है।

क्या मौत से डरना ज़रूरी है?
मौत का डर एक आम इंसानी भावना है। रिसर्च से पता चलता है कि कुछ लोगों को मौत को लेकर बहुत ज़्यादा चिंता होती है। हालांकि, मरने की प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी और काउंसलिंग से इस डर को कम किया जा सकता है।