Diwali 2026: लक्ष्मी पूजा के दौरान पीली कौड़ी और गोमती चक्र क्यों रखे जाते हैं? जानें इसके पीछे का धार्मिक महत्व

pc: tv9

हिंदू धर्म में धनतेरस और दिवाली के त्योहार देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए बहुत खास माने जाते हैं। माना जाता है कि इस दिन सही तरीके से देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली आती है। इसीलिए लोग पूजा की तैयारी पर खास ध्यान देते हैं और पूजा सामग्री में धार्मिक रूप से शुभ चीजें रखते हैं। इनमें पीली कौड़ी और गोमती चक्र शामिल हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पीली कौड़ी  देवी लक्ष्मी से जुड़ी है, जबकि गोमती चक्र को भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की एक साथ पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य आता है।

पीली कौड़ी देवी लक्ष्मी से क्यों जुड़ी है?
पीली कौड़ी को देवी लक्ष्मी की पसंदीदा चीजों में से एक माना जाता है। इसका एक अहम कारण यह है कि कवड़ी समुद्र से मिलती है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी लक्ष्मी भी समुद्र मंथन से पैदा हुई थीं। इसी समानता के कारण, कौड़ी को देवी लक्ष्मी से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन से पैदा हुई थीं और भगवान विष्णु ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। क्योंकि कौड़ी समुद्र से मिलती है, इसलिए इसे देवी लक्ष्मी से जुड़ी एक शुभ चीज़ माना जाता है।

गोमती चक्र क्या है और इसे शुभ क्यों माना जाता है?

गोमती चक्र एक प्राकृतिक चीज़ है जो गोमती नदी की घाटी में पाई जाती है। यह आकार में गोल या डिस्क जैसा होता है। इसकी सतह पर गोल नक्काशी इसे दूसरे पत्थरों से अलग बनाती है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, यह चक्र शुभता, सुरक्षा और खुशहाली से जुड़ा है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, गोमती चक्र को भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र का प्रतीक माना जाता है। भगवान विष्णु को ब्रह्मांड का रक्षक और देवी लक्ष्मी को उनकी पत्नी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की एक साथ पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और खुशहाली आती है। इसी वजह से लक्ष्मी पूजा के दौरान गोमती चक्र को पास रखना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि यह चक्र घर में पॉजिटिविटी बनाए रखता है और परिवार पर देवताओं का आशीर्वाद बरसाता है।

लक्ष्मी पूजा में पीली कौड़ी और गोमती चक्र कैसे रखें?
दिवाली के दिन, लक्ष्मी पूजा के लिए मंदिर या पूजा की जगह को सजाया जाता है। फिर, गणपति और लक्ष्मी की मूर्तियां स्थापित की जाती हैं और पूजा की तैयारी की जाती है। पूजा की परंपरा के अनुसार, पीली कौड़ी और गोमती चक्र को साफ करके पूजा के सामान के साथ रखा जा सकता है। सबसे पहले, एक दीया जलाएं और गणपति और लक्ष्मी का ध्यान करें। पूजा के दौरान, परिवार की खुशी, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना करें। पूजा पूरी होने के बाद, इन चीजों को एक साफ कपड़े में लपेटकर देवघर या किसी सुरक्षित जगह पर रखा जा सकता है।