Varuthini Ekadashi 2026 Date: किस दिन हैं वरुथिनी एकादशी, जाने सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि
- byShiv
- 11 Apr, 2026
इंटरनेट डेस्क। हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। एकादशी हर महीन में 2 बार आती हैं और इन सबका बड़ा महत्व होता है। ऐसे में हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एक-एक एकादशी पड़ती है और हर एक एकादशी का अपना-अपना महत्व है। ऐसे ही वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को विशेष माना जाता है। इसे वरुथिनी एकादशी के नाम से जानते हैं। आइए जानते हैं वरुथिनी एकादशी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पारण का समय, पूजा विधि।
वरुथिनी एकादशी 2026 तिथि
पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 13 अप्रैल को सुबह 1 बजकर 16 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 14 अप्रैल को सुबह 1 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर वैशाख माह की पहली एकादशी यानी वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा।
वरुथिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
पहला मुहूर्त अमृत-सर्वाेत्तम, सुबह 05.58 बजे से लेकर 07.34 बजे तक
दूसरा मुहूर्त शुभ-उत्तम मुहूर्त- सुबह 09.10 बजे से लेकर 10.46 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त- 04.28 ए एम से 05.13 ए एम तक
अभिजीत मुहूर्त- 11.56 बजे से लेकर दोपहर 12.47 बजे तक
वरुथिनी एकादशी 2026 पारण का समय
वरुथिनी एकादशी व्रत का पारण 14 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। इस दिन पारण का समय सुबह में 06 बजकर 54 मिनट से लेकर 08 बजकर 31 मिनट तक है।
पूजा विधि
वरुथिनी एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त या फिर सूर्याेदय से पहले उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें और साफ वस्त्र धारण कर लें। अब एक तांबे के लोटे में जल, सिंदूर, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो भगवान विष्णु का मनन करते हुए एक फूल और थोड़ा अक्षत लेकर संकल्प लें। इसे फिर विष्णु जी को चढ़ा दें। अब पूजा आरंभ करें। सबसे पहले जल से आचमन करने के बाद पीला चंदन, फूल, माला, अक्षत के साथ भोग लगाएं। इसके बाद घी का दीपक और धूपबत्ती जला लें। फिर विष्णु मंत्र, वरुथिनी एकादशी व्रत कथा, विष्णु चालीसा आदि का पाठ करने के बाद अंत में आरती कर लें। इसके साथ भूलचूक के लिए माफी मांग लें। दिनभर फलाहारी व्रत रखें। इसके साथ ही शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण कर लें।
pc- abp news





