Vastu tips: किचन में इंडक्शन रखते समय सावधान रहें, इस दिशा में रखने से बढ़ सकती हैं परेशानियां

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किचन का रेनोवेशन सिर्फ़ सुविधा के लिए नहीं बल्कि समय के लिए भी ज़रूरी है। वेस्ट एशिया में बढ़ते टेंशन और फ्यूल की दिक्कतों की वजह से लोग अपने किचन बदलते दिख रहे हैं। LPG सिलेंडर को लेकर अनिश्चितता की वजह से कई घरों में इंडक्शन का इस्तेमाल होने लगा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ़ इंडक्शन खरीदना काफ़ी नहीं है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, इंडक्शन की सही दिशा और इस्तेमाल आपके घर की एनर्जी पर असर डालता है। कुछ लोग इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं। बाद में उन्हें छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वास्तु के नियमों पर ध्यान देना ज़रूरी है।

जानें इंडक्शन लगाने की सही दिशा

सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन में आग का खास महत्व होता है। इस वजह से इंडक्शन को गैस की तरह माना जाता है। दक्षिण-पूर्व दिशा को आग तत्व का स्थान माना जाता है। अगर इस दिशा में इंडक्शन लगाया जाए तो घर में पॉज़िटिव एनर्जी आती है। अगर किसी वजह से ऐसा मुमकिन न हो, तो इसे उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए।

खाना बनाते समय दिशा का ध्यान रखें
कुछ लोग जल्दबाजी में कहीं भी खड़े होकर खाना बनाते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार, खाना बनाते समय आप किस दिशा में खड़े होते हैं, यह भी ज़रूरी है। पूर्व दिशा में खड़े होना सबसे अच्छा माना जाता है। इससे न सिर्फ़ मानसिक शांति मिलती है बल्कि परिवार की सेहत पर भी असर पड़ता है।

पानी और आग एक साथ नहीं आने चाहिए
किचन में सबसे बड़ी गलती इंडक्शन सिंक को पास रखना है। लोग जगह की कमी के कारण ऐसा करते हैं। हालांकि, वास्तु में इसे सही नहीं माना जाता है। पानी और आग घर में तनाव पैदा कर सकते हैं। इस वजह से पानी और इंडक्शन के बीच दूरी रखना ज़रूरी है।

साफ़-सफ़ाई रखना ज़रूरी
सिर्फ़ दिशा ही नहीं, बल्कि साफ़-सफ़ाई भी उतनी ही ज़रूरी है। अक्सर देखा जाता है कि इंडक्शन कुकर के आस-पास गंदे बर्तन या धूल जमा हो जाती है। इससे नेगेटिव एनर्जी बढ़ सकती है। एक साफ़-सुथरी किचन न सिर्फ़ अच्छी दिखती है, बल्कि घर में खुशनुमा और पॉज़िटिव माहौल भी बनाती है।