8th Pay Commission: दशहरे के बाद मिलेगी बड़ी खुशखबरी, सरकारी कर्मचारियों के लिए खास होगी दिवाली

PC: Good returns

8वां सेंट्रल पे कमीशन अभी कंसल्टेशन फेज़ में है। सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में, कमीशन अभी अलग-अलग एम्प्लॉई ऑर्गनाइज़ेशन, रिप्रेजेंटेटिव, ग्रुप, पेंशनर्स एसोसिएशन, फेडरेशन और दूसरे स्टेकहोल्डर के साथ मीटिंग कर रहा है। कमीशन पहले ही कई राज्यों का दौरा कर चुका है, जिसमें बेंगलुरु में हुई इसकी हालिया मीटिंग भी शामिल है। दशहरा के तुरंत बाद एक और बड़ी मीटिंग होनी है, जिसमें कई ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार बढ़ती महंगाई और बदलती इकॉनमी को देखते हुए अपने एम्प्लॉई के अलाउंस, सैलरी और पेंशन को रिवाइज करने के लिए हर 10 साल में एक पे कमीशन बनाती है। हालांकि सरकार हर छह महीने में डियरनेस अलाउंस बढ़ाती है, लेकिन एक तय पॉइंट के बाद सिर्फ DA बढ़ाना काफी नहीं है। सरकारी एम्प्लॉई के रहन-सहन के स्टैंडर्ड को बेहतर बनाने के लिए बेसिक पे में भी बदलाव की ज़रूरत है, जिसका असर सभी सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉई और रिटायर्ड एक्स-सर्विसमैन पर पड़ता है। कुल मिलाकर, नए पे कमीशन के लागू होने से लगभग 49 लाख सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉई और 68 लाख से ज़्यादा पेंशनर्स को फायदा होगा।

हालांकि आठवां पे कमीशन 1 जनवरी, 2026 से लागू होना है, लेकिन कमीशन को अभी अपनी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को देनी है। बढ़ी हुई सैलरी सरकार की मंज़ूरी मिलने के बाद ही कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में क्रेडिट की जाएगी। चूंकि कमीशन को बनने के बाद रिपोर्ट तैयार करने के लिए मई 2027 तक की डेडलाइन दी गई थी, इसलिए उम्मीद है कि यह अगले साल के आखिर तक पूरी तरह से लागू हो जाएगा। रिपोर्ट जमा होने के बाद, केंद्रीय फाइनेंस मिनिस्ट्री और मंत्रियों का एक स्पेशल ग्रुप सिफारिशों की बारीकी से स्टडी करेगा।

इसमें यह देखा जाएगा कि प्रस्तावित सैलरी और पेंशन बढ़ोतरी से देश के खजाने पर कितना बोझ पड़ेगा और किन बदलावों को मंज़ूरी दी जा सकती है और किनको नहीं। रिव्यू पूरा होने के बाद, इसे केंद्रीय कैबिनेट को भेजा जाता है। कैबिनेट की मंज़ूरी मिलने के बाद, सरकार एक ऑफिशियल गजट नोटिफिकेशन जारी करती है। उसके बाद, डिपार्टमेंट नई सैलरी का कैलकुलेशन शुरू करते हैं। इस पूरे प्रोसेस में 3-6 महीने और लग सकते हैं।

मुंबई मीटिंग कब होगी?

आठवां पे कमीशन 22-23 अक्टूबर को मुंबई आने वाला है। अगर कोई ऑर्गनाइज़ेशन अपनी मांगें रखने के लिए कमीशन के सामने खुद पेश होना चाहता था, तो ऐसा करने की डेडलाइन 10 अक्टूबर थी, जो अब निकल चुकी है। मीटिंग में पे स्ट्रक्चर, पेंशन पॉलिसी और अलाउंस में बदलाव की मांगें भी शामिल होंगी।

रेल मंत्रालय ने पहले कहा था कि कमीशन शहर में सेंट्रल रेलवे (CR) डिवीज़न के तहत आने वाले रेलवे सेक्शन का दौरा करेगा ताकि कर्मचारियों के काम करने के हालात का सीधा अनुभव लिया जा सके। दौरे के एजेंडे में ट्रैक मेंटेनेंस, सिग्नल सिस्टम, रोज़ाना के ऑपरेशन, ड्यूटी और मेंटेनेंस के काम, कंट्रोल रूम और काम से जुड़े खतरों का इंस्पेक्शन शामिल है।