8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर ज़रूरी अपडेट! 12 फरवरी को हो सकता है बड़ा फ़ैसला

PC: saamtv

सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुत ज़रूरी खबर है। अगला महीना सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुत अहम होने वाला है। अगले महीने आठवें पे कमीशन को लेकर कोई अहम फ़ैसला होने की संभावना है। 12 फरवरी को केंद्र सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच सीधी टक्कर होने की संभावना है।

केंद्रीय कर्मचारियों की सबसे बड़ी यूनियन ने एक दिन की नेशनल स्ट्राइक का ऐलान किया है। केंद्रीय कर्मचारी यूनियन सिर्फ़ सैलरी के लिए ही नहीं, बल्कि आठवें पे कमीशन की शर्तों, DA को बेसिक पे में मिलाने, पेंशन, OPS, बोनस, ग्रेच्युटी को लेकर भी हड़ताल पर जाएगी। आठवें पे कमीशन को लेकर कर्मचारियों के मन में कई दिनों से सवाल हैं।

कर्मचारी यूनियनों का आरोप है कि पे कमीशन की शर्तें तय करते समय कर्मचारियों की बात नहीं सुनी जा रही है। DA, पेंशन, OPS जैसे मुद्दों को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, महंगाई के मुकाबले पे स्ट्रक्चर बहुत कम है। इस वजह से कर्मचारियों के मन में नाराज़गी है।

12 फरवरी को स्ट्राइक क्यों?

कर्मचारियों के मुताबिक, उन्हें लगता है कि सरकार आठवें पे कमीशन को लेकर आधा-अधूरा फैसला लेने जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि आठवें पे कमीशन को सिर्फ फॉर्मेलिटी बनाया जा रहा है। देश भर के अलग-अलग सेंट्रल डिपार्टमेंट के सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज और वर्कर्स फेडरेशन ने 23 जनवरी को भारत सरकार के कैबिनेट सेक्रेटरी को एक फॉर्मल नोटिस दिया।

कर्मचारियों की क्या मांगें हैं?

आठवें पे कमीशन की शर्तों में कर्मचारियों और पेंशनर्स के सुझाव शामिल नहीं हैं। सैलरी, अलाउंस, पेंशन को लेकर कोई साफ गाइडलाइन नहीं है, NC-JCM की सिफारिशों को नजरअंदाज किया गया। मांग की जा रही है कि आठवें पे कमीशन की शर्तों में कन्फेडरेशन और NC-JCM के सुझावों को जोड़ा जाए।