BRICS Summit 2026: ब्रिक्स पर कांग्रेस के नेता आमने सामने, पी चिदंबरम ने गिनाई कमिया तो शशि थरूर ने बता दिए इसके फायदे

इंटरनेट डेस्क। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन दिल्ली में होने जा रहा है।  दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का अगले कुछ दिनों तक भारत में जमावड़ा रहेगा। ब्रिक्स के सदस्य और पार्टनर देशों से आगे निकलकर देखें तो दर्जनों वर्ल्ड लीडर ऑब्जर्वर के रूप में भी शामिल हो रहे हैं। लेकिन इसके पहले कांग्रेस नेता आपस में ही उलझ गए है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर देश को मिल रहे इस मौके से गदगद हैं और उन्होंने अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं की नकारात्मक सोच पर हमला बोला है।

भारत की अगुवाई में हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा है, सबसे पहले बात ये है कि हम ग्लोबल साउथ के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म मुहैया करवा रहे हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को इंटरव्यू में कहा, आप जानते हैं कि ग्लोबल साउथ में 100 से ज्यादा देश हैं, लेकिन ग्लोबल साउथ के वे महत्वपूर्ण 11 खिलाड़ी जुट रहे हैं, जो बहुत अधिक विविधता वाले विचारों का सामूहिक प्रतिनिधित्व करते हैं।

यह छोटी बात नहीं है, यह कुछ ऐसा है, जिसे बाकी दुनिया को बहुत ही गंभीरता से लेना होगा।  शशि थरूर के ये विचार पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज कांग्रेसी पी चिदंबरम के विचारों से ठीक उलट हैं। चिदंबरम ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 को लेकर काफी नकारात्मक और निराशाजनक प्रतिक्रिया दी है और इससे साफ है कि एक बार फिर से वैश्विक मुद्दे पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को सम्मान देने के मामले में कांग्रेस पार्टी बुरी तरह से बंटी हुई है।

बुधवार को पी चिदंबरम ने भी ब्रिक्स समिट को लेकर न्यूज एजेंसी एएनआई को एक इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने कहा था, श्मुझे नहीं पता कि कितने राष्ट्रपति और कितने प्रधानमंत्री आ रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि पिछले दो या तीन ब्रिक्स सम्मेलनों का कोई ठोस फायदा हुआ है या कोई ठोस नतीजे निकले हैं।

pc- hindustan