Chandra grahan 2026: चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को रखना चाहिए इन बातों का ध्यान
- byShiv
- 01 Mar, 2026
इंटरनेट डेस्क। 3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक असर भी पूरे देश में मान्य रहेगा। शास्त्रों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले लग जाता है। ऐसे में 3 मार्च की सुबह से ही सूतक शुरू हो जाएगा और शाम को ग्रहण खत्म होने के बाद ही पूजा-पाठ और मांगलिक काम किए जा सकेंगे। वैसे चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए।
किन बातों का रखें ध्यान
ग्रहण काल में गर्भावस्था को लेकर कई तरह की बातें भी प्रचलित हैं, साथ ही ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को बेहद सावधानी बरतने की सलाह भी दी जाती है। मान्यता के अनुसार, ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियां हावी होने लगती हैं। इस वजह से गर्भवती महिलाओं पर अशुभ प्रभाव पड़ता है।
इन बातों का रखें ध्यान
गर्भवती महिलाओं को जागृत अवस्था में रहना चाहिए। काटने या जोड़ने के काम से दूर रहना चाहिए और ग्रहण काल तक सक्रिया रहना चाहिए। किसी भी गर्भवती महिला को चंद्र ग्रहण को देखने से बचना चाहिए और न ही उसे ग्रहण के समय घर से बाहर निकलना चाहिए। ग्रहण काल में भोजन न करें व प्रसन्न चित्त रहते हुए अपने आराध्य देव से गर्भ शिशु के लिए कल्याण की कामना करें।
करें ये उपाय
चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को चाहिए कि वह हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्त्रत्त्नाम, पंचाक्षरी मंत्र का जप करें। अधिक से अधिक प्रभु का भजन और गुरु मंत्र का जप करना चाहिए।
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