Chirag Paswan: पासवान ने कहा, आरक्षण किसी की दी हुई खैरात नहीं, इसकी समीक्षा भी स्वीकार्य नहीं

इंटरनेट डेस्क। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण के मुद्दे पर अपनी पार्टी का रुख पूरी तरह साफ कर दिया है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो चिराग पासवान ने साफ कहा हैं कि आरक्षण किसी की दी हुई खैरात नहीं है, बल्कि यह देश के नागरिकों का एक मौलिक संवैधानिक अधिकार है। दरअसल, चिराग पासवान ने फरवरी 2020 में भी संसद के भीतर इसी बात को मजबूती से उठाया था। इसी वीडियो को शेयर उन्होंने कहा है कि आरक्षण को समाप्त करने की बात तो दूर, इसकी समीक्षा भी उनकी पार्टी को कभी स्वीकार्य नहीं है। 

इस समय हैं केंद्र में मंत्री
बता दें कि चिराग पासवान दिग्गज दलित नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय राम विलास पासवान के पुत्र हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और इसके बाद साल 2011 में आई हिंदी फिल्म मिले ना मिले हम से बतौर अभिनेता करियर की शुरुआत की। हालांकि, फिल्मों में मनचाही सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का फैसला किया। पार्टी में कई पद संभाले, सांसद भी रहे। 

अभी हैं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री
उनका यह संघर्ष और धैर्य साल 2024 के लोकसभा चुनाव में फिर से रंग लाया। जब उन्होंने अपने पिता की पारंपरिक सीट हाजीपुर से शानदार जीत हासिल की और उनकी पार्टी ने एनडीए गठबंधन के तहत शानदार प्रदर्शन किया। उनकी इस राजनीतिक वापसी और मजबूत जनाधार को देखते हुए 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री के रूप में शामिल किया गया।

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