Manglik Dosha: मंगल दोष होने का क्या मतलब है? इस से शादी में दिक्कतें क्यों आती हैं, जानें सब कुछ यहाँ
- byvarsha
- 03 Dec, 2025
PC: navarashtra
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में मंगल दोष नाम का एक कॉम्बिनेशन बनता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह की वजह से होने वाला मंगल दोष होता है, तो माना जाता है कि इससे शादी में कई दिक्कतें आती हैं। मंगल दोष होने से शादीशुदा ज़िंदगी में झगड़े होते हैं। एस्ट्रोलॉजर समीर मानेरिकर ने इसका मतलब और डिटेल में बताया है।
मांगलिक दोष कैसे बनता है और इसका क्या मतलब है?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें घर में होता है, तो उस व्यक्ति पर मांगलिक दोष का असर होता है। कुंडली में मंगल दोष शादी में रुकावटें डालता है और शादी के बाद भी कई दिक्कतें खड़ी कर सकता है। हालांकि, अगर किसी लड़के या लड़की में मांगलिक दोष है, तो एस्ट्रोलॉजर को ध्यान से कुंडली मिलानी चाहिए। हालांकि, ऐसा माना जाता है कि दो मांगलिक लड़के और लड़कियां एक-दूसरे से शादी कर सकते हैं।
मांगलिक कितने तरह के होते हैं और वे शादी में रुकावटें क्यों डालते हैं?
चंद्र मांगलिक दोष: जब किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह चंद्रमा से पहले, दूसरे, चौथे, पांचवें, सातवें, आठवें और बारहवें घर में होता है, तो यह निश्चित रूप से शादी में रुकावटें पैदा कर सकता है। इस दोष को चंद्र मांगलिक दोष कहा जाता है, जिससे शादी के बाद भी पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़ा होता रहता है।
आंशिक मांगलिक दोष: आंशिक मांगलिक दोष एक ऐसा दोष है जो कुंडली में साफ तौर पर दिखाई नहीं देता है लेकिन हल्का होता है। जब मंगल ग्रह कुंडली के पहले, दूसरे, चौथे, सातवें और बारहवें घर में होता है, तो आंशिक मांगलिक दोष बनता है, लेकिन ऐसी स्थिति में मांगलिक दोष का असर गंभीर नहीं होता है। इस दोष को कुछ उपायों से दूर किया जा सकता है, लेकिन कभी-कभी यह दोष 28 साल की उम्र के बाद खत्म हो जाता है। यह दोष भी शादी में रुकावटें पैदा कर सकता है।
मांगलिक दोष दूर करने के उपाय
व्रत की रस्म: अगर किसी की शादी मांगलिक व्यक्ति से हुई है, तो इस मांगलिक दोष को दूर करने के लिए सबसे पहले वट सावित्री की पूजा करनी चाहिए और मंगला गौरी का व्रत रखना चाहिए। व्रत की रस्मों से मांगलिक दोष के बुरे असर कम हो सकते हैं।
पीपल के पेड़ से शादी: अगर किसी लड़की की कुंडली में मंगल दोष है, तो उसके बुरे असर को कम करने के लिए उसे चुपके से पीपल के पेड़ से शादी करनी चाहिए। याद रखें, यह रस्म लड़के से शादी करने से पहले करनी चाहिए। इससे शादी बिना मंगल दोष के होगी और शादीशुदा ज़िंदगी खुशहाल रहेगी।





