Mobile Security Tips: फोन का डेटा और बैंक अकाउंट सुरक्षित रखने में मदद करेंगे ये 6 ऐप्स, जानें इनके फायदे

आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन केवल बातचीत करने का साधन नहीं रह गया है। इसमें हमारी निजी तस्वीरों, जरूरी दस्तावेजों, ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट और बैंकिंग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद रहती हैं। ऐसे में मोबाइल की सुरक्षा में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। साइबर अपराधी फर्जी लिंक, नकली वेबसाइट, संदिग्ध ऐप और ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लोगों की निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।

कई लोग मानते हैं कि फोन में पासवर्ड या फिंगरप्रिंट लॉक लगा देने से उनका डेटा पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है। हालांकि, वास्तविकता इससे अलग है। यदि किसी व्यक्ति का ऑनलाइन पासवर्ड चोरी हो जाए या वह गलती से किसी फर्जी वेबसाइट पर अपनी बैंकिंग जानकारी दर्ज कर दे, तो स्क्रीन लॉक भी उसे नुकसान से नहीं बचा सकता।

ऐसी परिस्थितियों में कुछ विशेष मोबाइल एप्लिकेशन डिजिटल सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। Android और iPhone इस्तेमाल करने वालों के लिए कई ऐसे ऐप उपलब्ध हैं, जो निजी चैट, पासवर्ड, इंटरनेट ब्राउजिंग और ऑनलाइन अकाउंट की सुरक्षा के लिए अलग-अलग सुविधाएं प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं ऐसे छह उपयोगी ऐप्स के बारे में।

1. Signal: निजी बातचीत और कॉल को सुरक्षित रखने का विकल्प

यदि आप अपनी व्यक्तिगत बातचीत की गोपनीयता को लेकर सतर्क रहते हैं, तो Signal एक उपयोगी मैसेजिंग एप्लिकेशन हो सकता है।

इस ऐप की प्रमुख विशेषता एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है। इसका मतलब है कि Signal इस्तेमाल करने वाले दो लोगों के बीच भेजे गए संदेश और कॉल को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उनकी सामग्री केवल संबंधित उपयोगकर्ता ही देख या सुन सकें।

Signal में व्यक्तिगत चैट के अलावा ग्रुप मैसेजिंग, वीडियो कॉल, वॉयस कॉल और फाइल शेयरिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसमें निर्धारित समय के बाद संदेश हटाने का विकल्प भी मौजूद है।

यह एक ओपन-सोर्स एप्लिकेशन है और इसका संचालन एक गैर-लाभकारी संस्था करती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि एन्क्रिप्शन किसी दूसरे व्यक्ति को आपकी चैट का स्क्रीनशॉट लेने से नहीं रोक सकता।

2. Bitwarden: अलग-अलग अकाउंट के पासवर्ड संभालना होगा आसान

आजकल एक व्यक्ति के पास कई ऑनलाइन अकाउंट होते हैं। इनमें ईमेल, बैंकिंग, शॉपिंग वेबसाइट, सोशल मीडिया और दूसरी डिजिटल सेवाएं शामिल हैं।

इतने सारे पासवर्ड याद रखना आसान नहीं होता। इसी वजह से कई लोग अलग-अलग वेबसाइट पर एक ही पासवर्ड इस्तेमाल करने लगते हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह आदत जोखिम भरी हो सकती है।

Bitwarden इस समस्या को कम करने में मदद करता है। यह एक पासवर्ड मैनेजर है, जिसमें उपयोगकर्ता अपने अलग-अलग अकाउंट के लॉगिन विवरण सुरक्षित रख सकते हैं।

यह ऐप मजबूत और अलग पासवर्ड बनाने की सुविधा भी देता है। इसके अलावा, समर्थित वेबसाइट और एप्लिकेशन पर लॉगिन करते समय पासवर्ड अपने आप भरने का विकल्प उपलब्ध है।

Bitwarden के मुफ्त प्लान में पासवर्ड स्टोर करने और विभिन्न डिवाइस के बीच उन्हें सिंक करने जैसी सुविधाएं मिलती हैं। अतिरिक्त सुविधाओं के लिए पेड प्लान भी उपलब्ध हैं।

3. Proton VPN: सार्वजनिक Wi-Fi इस्तेमाल करते समय मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा

रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, होटल और कैफे जैसी जगहों पर मुफ्त Wi-Fi की सुविधा मिलना आम बात है। हालांकि, किसी अनजान नेटवर्क से जुड़ते समय सावधानी बरतना जरूरी है।

Proton VPN इंटरनेट कनेक्शन से गुजरने वाले डेटा को एन्क्रिप्ट करने में मदद करता है। इसके साथ ही यह उपयोगकर्ता के वास्तविक IP एड्रेस को छिपाने की सुविधा भी प्रदान करता है।

इसमें Kill Switch और DNS Leak Protection जैसे सुरक्षा फीचर्स मिलते हैं। VPN कनेक्शन अचानक बंद होने की स्थिति में ये सुविधाएं कुछ प्रकार की जानकारी के अनचाहे खुलासे का जोखिम कम कर सकती हैं।

Proton VPN का मुफ्त संस्करण बिना डेटा बैंडविड्थ सीमा के उपलब्ध है। हालांकि, इसमें सर्वर चुनने के विकल्प सीमित रहते हैं। पेड प्लान में अतिरिक्त सर्वर और कुछ अन्य सुरक्षा सुविधाएं मिलती हैं।

ध्यान रखें कि VPN इस्तेमाल करने से फिशिंग या ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता।

4. DuckDuckGo: इंटरनेट ब्राउजिंग के दौरान ट्रैकिंग कम करने में मदद

कई बार आपने देखा होगा कि इंटरनेट पर किसी सामान को खोजने के बाद उसी तरह के विज्ञापन अलग-अलग वेबसाइट पर दिखाई देने लगते हैं।

ऐसा ऑनलाइन ट्रैकिंग तकनीकों के कारण हो सकता है। DuckDuckGo एक प्राइवेसी-केंद्रित ब्राउजर है, जिसे इस तरह की गतिविधियों को सीमित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

इसमें निजी सर्च, कई थर्ड-पार्टी ट्रैकर्स को ब्लॉक करने और कुकी पॉप-अप प्रबंधित करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इस ब्राउजर का एक उपयोगी फीचर Fire Button है। इसकी सहायता से उपयोगकर्ता ब्राउजिंग हिस्ट्री, खुले टैब और डिवाइस में सेव वेबसाइट डेटा को आसानी से साफ कर सकते हैं।

कुछ वेबसाइट का डेटा सुरक्षित रखने के लिए Fireproof विकल्प भी मिलता है।

DuckDuckGo मुफ्त उपलब्ध है, जबकि कुछ अतिरिक्त प्राइवेसी सेवाओं के लिए सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है।

5. 2FAS Authenticator: पासवर्ड चोरी होने पर भी मिलेगी सुरक्षा की अतिरिक्त परत

किसी ऑनलाइन अकाउंट के लिए मजबूत पासवर्ड बनाना जरूरी है, लेकिन केवल पासवर्ड पर निर्भर रहना हमेशा पर्याप्त नहीं होता।

2FAS Authenticator ऐसे मामलों में अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने में मदद करता है। यह टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी 2FA के लिए अस्थायी वेरिफिकेशन कोड तैयार करता है।

ये कोड सामान्यतः हर 30 सेकंड में बदल जाते हैं। समर्थित अकाउंट पर इस सुविधा को सक्रिय करने के बाद लॉगिन करते समय पासवर्ड के साथ अतिरिक्त कोड भी दर्ज करना पड़ता है।

इसका लाभ यह है कि किसी व्यक्ति को आपका पासवर्ड पता चल जाने के बाद भी अकाउंट में प्रवेश करने के लिए दूसरे वेरिफिकेशन चरण को पूरा करना होगा।

2FAS Authenticator मुफ्त और ओपन-सोर्स ऐप है। यह इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी कोड तैयार कर सकता है।

हालांकि, उपयोगकर्ताओं को अपने रिकवरी कोड सुरक्षित रखने चाहिए, ताकि फोन खो जाने या बदलने की स्थिति में अकाउंट वापस प्राप्त करने में परेशानी न हो।

6. Malwarebytes: संदिग्ध वेबसाइट और खतरनाक सॉफ्टवेयर से बचाव में मदद

फर्जी बैंक मैसेज, नकली डिलीवरी नोटिफिकेशन और भारी डिस्काउंट का लालच देने वाले लिंक साइबर धोखाधड़ी के सामान्य तरीके बन चुके हैं।

Malwarebytes ऐसा सुरक्षा एप्लिकेशन है, जो मोबाइल उपयोगकर्ताओं को विभिन्न डिजिटल खतरों की पहचान करने में मदद करता है।

इसके Android संस्करण में मालवेयर स्कैनिंग, संदिग्ध सॉफ्टवेयर की पहचान, खतरनाक वेबसाइट से सुरक्षा और स्कैम से जुड़े कुछ सुरक्षा फीचर्स उपलब्ध हैं।

वहीं, iPhone पर इसकी सुविधाएं अलग हैं। iOS की सुरक्षा व्यवस्था के कारण सामान्य एंटीवायरस ऐप पूरे फोन को Android की तरह स्कैन नहीं कर सकते। इसलिए iPhone संस्करण में वेब सुरक्षा, संदिग्ध कॉल से बचाव और ट्रैकर ब्लॉकिंग जैसी सुविधाओं पर अधिक ध्यान दिया जाता है।

Malwarebytes डाउनलोड करने के लिए मुफ्त है, लेकिन कई एडवांस सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है।

कौन सा ऐप किस काम आएगा? एक नजर में समझें

ऐप का नामप्रमुख उपयोगकीमत
Signalसुरक्षित मैसेजिंग और कॉलमुफ्त
Bitwardenपासवर्ड मैनेजमेंटमुफ्त और पेड
Proton VPNइंटरनेट कनेक्शन की प्राइवेसीमुफ्त और पेड
DuckDuckGoनिजी ब्राउजिंग और ट्रैकर ब्लॉकिंगमुफ्त, वैकल्पिक सब्सक्रिप्शन
2FAS Authenticatorअतिरिक्त लॉगिन वेरिफिकेशनमुफ्त
Malwarebytesमालवेयर और स्कैम से सुरक्षामुफ्त डाउनलोड, पेड फीचर्स

ये सभी एप्लिकेशन भारत में Android और iPhone उपयोगकर्ताओं के लिए संबंधित ऐप स्टोर पर उपलब्ध हैं। हालांकि, कुछ सुविधाओं की उपलब्धता ऑपरेटिंग सिस्टम और सब्सक्रिप्शन के अनुसार अलग हो सकती है।

क्या फोन में सभी छह ऐप इंस्टॉल करना जरूरी है?

डिजिटल सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए हर व्यक्ति को ये सभी एप्लिकेशन डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। सही विकल्प आपकी जरूरत और इंटरनेट इस्तेमाल करने की आदतों पर निर्भर करता है।

यदि आपके कई ऑनलाइन अकाउंट हैं, तो Bitwarden और 2FAS Authenticator उपयोगी हो सकते हैं। निजी बातचीत के लिए Signal, सुरक्षित ब्राउजिंग के लिए DuckDuckGo और अनजान Wi-Fi नेटवर्क इस्तेमाल करते समय Proton VPN पर विचार किया जा सकता है।

इसी तरह, संदिग्ध लिंक और खतरनाक सॉफ्टवेयर से अतिरिक्त सुरक्षा चाहने वाले उपयोगकर्ता Malwarebytes की सुविधाएं देख सकते हैं।

मोबाइल को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान

सुरक्षा ऐप इस्तेमाल करने के साथ कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना भी महत्वपूर्ण है।

  • मोबाइल और उसमें इंस्टॉल एप्लिकेशन को नियमित रूप से अपडेट करें।
  • किसी अनजान वेबसाइट या लिंक से ऐप डाउनलोड करने से बचें।
  • अपने बैंकिंग पासवर्ड, OTP और अन्य गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
  • मोबाइल ऐप को कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन जैसी अनुमतियां देते समय उनकी जरूरत जांचें।
  • अलग-अलग ऑनलाइन अकाउंट के लिए मजबूत और यूनिक पासवर्ड इस्तेमाल करें।
  • संदिग्ध मैसेज, फर्जी ऑफर और अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उनकी विश्वसनीयता जांचें।

निष्कर्ष

स्मार्टफोन में मौजूद निजी और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा आज हर इंटरनेट उपयोगकर्ता के लिए जरूरी हो गई है। Signal, Bitwarden, Proton VPN, DuckDuckGo, 2FAS Authenticator और Malwarebytes जैसे ऐप अलग-अलग प्रकार के डिजिटल जोखिमों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

हालांकि, कोई भी एप्लिकेशन पूरी तरह साइबर सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। सुरक्षित पासवर्ड, नियमित अपडेट, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और ऑनलाइन सतर्कता जैसी आदतें अपनाना भी उतना ही जरूरी है।