NPS Health Pension Scheme: अब पेंशन के साथ मिलेगा मेडिकल खर्च का भी सहारा, PFRDA ने शुरू की नई योजना

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत एक नई और अनोखी योजना की शुरुआत की है, जिसका नाम NPS हेल्थ पेंशन स्कीम रखा गया है। इस योजना का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद केवल पेंशन ही नहीं, बल्कि मेडिकल खर्चों में भी आर्थिक सहायता देना है।

फिलहाल इस योजना को रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क के अंतर्गत Proof of Concept (PoC) के रूप में लॉन्च किया गया है। यानी यह योजना सीमित दायरे और नियंत्रित वातावरण में परीक्षण के तौर पर लागू की गई है।

🔹 योजना का उद्देश्य क्या है?

NPS हेल्थ पेंशन स्कीम का मुख्य मकसद पेंशन और स्वास्थ्य लाभ को एक साथ जोड़ना है। इससे बुजुर्गों और NPS सब्सक्राइबर्स को इलाज से जुड़े खर्चों के लिए अलग से फाइनेंशियल प्लानिंग नहीं करनी पड़ेगी।

यह योजना:

  • आउट-पेशेंट इलाज (OPD)
  • इन-पेशेंट इलाज (Hospitalization)
    दोनों तरह के मेडिकल खर्चों में सहायता देगी।

🔹 कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?

इस स्कीम में भाग लेना पूरी तरह स्वैच्छिक (Optional) है।
कोई भी भारतीय नागरिक इसमें निवेश कर सकता है।

योजना को:

  • मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF)
  • PFRDA द्वारा मंजूर पेंशन फंड्स
    के माध्यम से लागू किया जाएगा।

इसके संचालन में:

  • Central Recordkeeping Agencies (CRA)
  • Health Benefit Administrators (HBA)
  • Third Party Administrators (TPA)
    और जरूरत पड़ने पर फिनटेक कंपनियां भी शामिल होंगी।

🔹 निवेश और ट्रांसफर नियम

सब्सक्राइबर अपनी इच्छा अनुसार इस स्कीम में राशि जमा कर सकता है। यह राशि MSF के निवेश नियमों के अनुसार निवेश की जाएगी।

40 वर्ष से अधिक उम्र के NPS सदस्य अपने NPS कॉमन अकाउंट से:
👉 अधिकतम 30% राशि इस हेल्थ पेंशन स्कीम में ट्रांसफर कर सकते हैं।

🔹 मेडिकल खर्च के लिए निकासी सुविधा

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें इलाज के लिए आंशिक निकासी की सुविधा मिलेगी।

  • सब्सक्राइबर अपनी जमा राशि का 25% तक मेडिकल खर्च के लिए निकाल सकता है
  • पहली निकासी तभी संभव होगी जब खाते में कम से कम ₹50,000 का कॉर्पस हो
  • यदि किसी एक इलाज का खर्च कुल जमा राशि के 70% से अधिक हो जाए, तो पूरी राशि निकालने की अनुमति मिलेगी

पेमेंट सीधे:

  • अस्पताल
    या
  • HBA / TPA
    को किया जाएगा।

अगर कोई राशि बच जाती है, तो उसे फिर से NPS कॉमन अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

🔹 डेटा सुरक्षा और शिकायत निवारण

PFRDA ने स्पष्ट किया है कि:

  • सब्सक्राइबर का डेटा Digital Personal Data Protection Act, 2023 के तहत सुरक्षित रहेगा
  • डेटा शेयरिंग के लिए डिजिटल सहमति जरूरी होगी
  • एक मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली बनाई जाएगी

🔹 भविष्य में बड़ा रोल निभा सकती है योजना

यह पायलट प्रोजेक्ट यह जांचेगा कि पेंशन और हेल्थ बेनिफिट को एक साथ जोड़ना कितना व्यावहारिक और उपयोगी है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में इसे देशभर में बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना रिटायरमेंट प्लानिंग को ज्यादा सुरक्षित और व्यावहारिक बना सकती है, क्योंकि बढ़ते मेडिकल खर्च बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी चिंता होते हैं।

NPS हेल्थ पेंशन स्कीम भारत में रिटायरमेंट और हेल्थ सिक्योरिटी को जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। यह न सिर्फ आर्थिक सुरक्षा देगी बल्कि मेडिकल आपात स्थितियों में भी राहत प्रदान करेगी। आने वाले समय में यह स्कीम लाखों लोगों के लिए फाइनेंशियल सेफ्टी नेट बन सकती है।