Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष के दौरान इन नियमों का करना चाहिए हर किसी को पालन, मिलता हैं पूर्वजों का....
- byShiv
- 28 Sep, 2026
इंटरनेट डेस्क। पितृ पक्ष के दौरान हर किसी को अपने पूर्वजों को याद करने का मौका मिलता है। अभी पितृपक्ष चल रहा हैं और सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा। यह समय पितरों के स्मरण, श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन आज हम यह जानेंगे की हमको किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान कई परिवार खानपान से लेकर रोजमर्रा के व्यवहार तक कुछ खास नियमों का पालन करते हैं, तो आए जानते हैं इसके बारे में।
बाल और नाखून काटने से बचे
श्राद्ध पक्ष में बाल और नाखून काटने से बचने की परंपरा कई परिवारों में देखी जाती है। कुछ लोग पूरे पितृ पक्ष में इसका पालन करते हैं, जबकि कुछ परिवारों में ऐसा नियम नहीं होता।
मांगलिक और बड़े शुभ काम टालें
पितृ पक्ष को मुख्य रूप से पूर्वजों के स्मरण और श्राद्ध कर्म का समय माना जाता है। इसलिए कई परिवार इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य बड़े मांगलिक आयोजन नहीं करते,इसी तरह भव्य उत्सव या नए शुभ कार्यों की शुरुआत भी पितृ पक्ष समाप्त होने के बाद करने की परंपरा है।
पितृ पक्ष में मांस-मदिरा से बचें
पितृ पक्ष के दौरान कई परिवार मांसाहार, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी रखते हैं। इन दिनों सात्विक भोजन करने की परंपरा है, भोजन बनाते समय साफ-सफाई और शुद्धता का भी ध्यान रखा जाता है।
श्राद्ध की सही तिथि जरूर देखें
श्राद्ध की तारीख तय करते समय अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख से ज्यादा महत्वपूर्ण संबंधित तिथि मानी जाती है। जिस तिथि को किसी व्यक्ति का निधन हुआ हो, उसी तिथि के अनुसार श्राद्ध करने की परंपरा है।
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