Scam Alert: सावधान! अनजान लिंक पर क्लिक करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता, ऐसे बचें इस खतरनाक स्कैम से

Pc: AMAR UJALA

आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और स्मार्टफोन का इस्तेमाल जितना आसान हुआ है, साइबर ठगों (Cyber Criminals) ने लोगों को ठगने के उतने ही नए और खतरनाक तरीके निकाल लिए हैं। इन दिनों एक ऐसा ही नया स्कैम तेजी से फैल रहा है, जिसमें एक छोटे से अनजान लिंक या मैसेज के चक्कर में लोगों की गाढ़ी कमाई पलभर में साफ हो रही है।

अगर आप भी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करती हैं और सुरक्षित रहना चाहती हैं, तो इस साइबर अलर्ट को विस्तार से जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

कैसे काम करता है यह नया साइबर स्कैम?

साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। आमतौर पर यह फ्रॉड इस तरह से होता है:

लुभावने मैसेज या ऑफर्स: आपके फोन पर अचानक कोई मैसेज आता है कि "आपको लॉटरी लगी है", "बिजली का बिल जमा न होने पर कनेक्शन कट जाएगा", या "बैंक खाता बंद होने वाला है, तुरंत अपडेट करें"।

फर्जी APK फाइल या लिंक: उस मैसेज के साथ एक लिंक या ऐप डाउनलोड करने का विकल्प (APK File) दिया होता है।

रिमोट एक्सेस: जैसे ही कोई यूजर जल्दबाजी में उस लिंक पर क्लिक करके कोई ऐप इंस्टॉल करता है, ठगों के पास आपके फोन का पूरा कंट्रोल चला जाता है। इसके बाद वे आपके यूपीआई पिन, बैंक डिटेल्स और पर्सनल डेटा चुराकर खाता खाली कर देते हैं।

खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के आसान उपाय:
अनजान लिंक पर भूलकर भी न करें क्लिक: अगर आपके पास किसी भी अज्ञात नंबर से कोई ऐसा मैसेज आता है जिसमें कोई लिंक दिया हो, तो उस पर कभी क्लिक न करें—चाहे वह बैंक, बिजली विभाग या किसी पार्सल कंपनी के नाम से ही क्यों न हो।

कोई भी ऐप बाहरी सोर्स से डाउनलोड न करें: अपने फोन में हमेशा गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही भरोसेमंद ऐप्स डाउनलोड करें। कभी भी व्हाट्सएप या किसी अन्य जरिए से आई एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल न करें।

अपनी निजी जानकारी साझा न करें: बैंक अकाउंट नंबर, ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन या पासवर्ड किसी के साथ भी फोन पर शेयर न करें। असली बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी नहीं मांगते हैं।

साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत: यदि कभी आपके साथ या आपके किसी जानने वाले के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाए, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।