Shardiya Navratri 2026: पूजा के लिए कितनी कन्याएं होनी चाहिए, कब करें आप कन्या पूजन, जाने सारी विधि

इंटरनेट डेस्क। शारदीय नवरात्रि चल रही हैं और इस नवरात्रि में कन्या पूजन का विधान भी रहता है। इस समय मां के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती हैं और माता को प्रसन्न किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार कन्याओं को नवदुर्गा का स्वरूप माना जाता है, इस वजह से नवरात्रि में कन्या पूजा करते हैं, ताकि उनके माध्यम से नवदुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त हो और मनोकामनाएं भी पूर्ण हों।

कन्या पूजा कब करें?
देवीभागवत पुराण के छठे और सातवें स्कंध में कन्या पूजा के बारे में बताया गया है। नवरात्रि के समय प्रतिपदा से लेकर महानवमी तक यानि पहले दिन से लेकर अंतिम दिन महानवमी तक कन्या पूजा कर सकते हैं। लेकिन किसी व्यक्ति के पास समय का अभाव है या जो पहले से नवमी तक लगातार 9 दिनों तक कन्या पूजा न कर पाए तो वे लोग दुर्गाष्टमी या महानवमी के दिन कन्या पूजा करके उनको भोजन कराएं।

कन्या पूजा मुहूर्त 2026
दुर्गाष्टमी और महानवमी की पूजा आप सुबह में अमृत-सर्वाेत्तम मुहूर्त 06.24 ए एम से 07.50 ए एम के बीच कर लें, उसके बाद कन्याओं को आमंत्रित कर आएं, कन्या पूजा शुभ-उत्तम मुहूर्त में सुबह 09.15 ए एम से 10.40 ए एम के बीच कर लें।

पूजा के लिए कितनी कन्याएं होनी चाहिए?
नवरात्रि की कन्या पूजा के लिए कम से कम 1 कन्या और 1 बालक होना चाहिए। कन्याओं की संख्या 1 से 9 तक रख सकते हैं, बटुक भैरव के रूप में एक बालक को रखते हैं।

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