Gold-Silver ETF में पैसा शिफ्ट करना सही या गलत? इक्विटी निवेशकों के लिए एक्सपर्ट्स की अहम सलाह
- byrajasthandesk
- 28 Jan, 2026
हाल के दिनों में गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। गोल्ड ETF और सिल्वर ETF ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं। सिर्फ 28 जनवरी को ही दोनों ETF की नेट एसेट वैल्यू (NAV) में करीब 5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। ऐसे में कई निवेशक यह सोचने लगे हैं कि क्या उन्हें इक्विटी म्यूचुअल फंड से पैसा निकालकर गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश करना चाहिए।
वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, जियोपॉलिटिकल तनाव, अमेरिकी टैरिफ नीतियां और ब्याज दरों को लेकर भ्रम की स्थिति ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ दिया है। यही वजह है कि कीमती धातुओं की ओर निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है।
🔹 शेयर बाजार पर क्यों बढ़ा दबाव?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कई इंटरनेशनल और भारतीय शेयर बाजारों में वैल्यूएशन काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच चुके हैं। खासतौर पर टेक्नोलॉजी और एआई सेक्टर में आई तेजी के कारण शेयरों की कीमतें बहुत ऊपर चली गई हैं।
वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रेटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल के अनुसार, सरकारों पर कर्ज बढ़ रहा है और कंपनियों की कमाई की रफ्तार को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे माहौल में शेयर बाजारों पर दबाव पहले के मुकाबले ज्यादा दिखाई दे रहा है।
🔹 गोल्ड और सिल्वर में तेजी के पीछे क्या वजह?
बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में उछाल के पीछे मुख्य रूप से जियोपॉलिटिकल टेंशन और अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता जिम्मेदार है। जब दुनिया में राजनीतिक और आर्थिक जोखिम बढ़ते हैं, तो निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प तलाशते हैं और गोल्ड-सिल्वर पारंपरिक रूप से ऐसे समय में पसंद किए जाते हैं।
इसके अलावा ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और महंगाई की आशंका भी गोल्ड और सिल्वर को आकर्षक बनाती है।
🔹 क्या अभी गोल्ड और सिल्वर में निवेश का सही समय है?
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हालिया तेजी को देखकर जल्दबाजी में निवेश करना समझदारी नहीं होगी। गोल्ड और सिल्वर दोनों ही इस समय अपने ऊंचे स्तर पर हैं। ऐसे में इनमें निवेश करने पर शॉर्ट टर्म में करेक्शन का जोखिम बना रहता है।
आनंदराठी वेल्थ के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर शुभेंदु हरिचंदन के अनुसार, निवेशकों को यह देखना चाहिए कि गोल्ड और सिल्वर उनके लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो में किस तरह फिट बैठते हैं। सिर्फ तेजी देखकर निवेश का फैसला लेना जोखिम भरा हो सकता है।
🔹 इक्विटी से पैसा निकालकर गोल्ड-सिल्वर में डालना सही है?
विशेषज्ञों का कहना है कि पूरा पैसा इक्विटी से निकालकर गोल्ड या सिल्वर ETF में लगाना सही रणनीति नहीं है। निवेश का फैसला आपके:
- निवेश लक्ष्य
- निवेश अवधि
- जोखिम उठाने की क्षमता
पर निर्भर करता है।
रॉस मैक्सवेल के अनुसार, इक्विटी से कमाए गए मुनाफे का एक हिस्सा धीरे-धीरे गोल्ड या सिल्वर ETF में लगाया जा सकता है। इससे:
- डाउनसाइड रिस्क से बचाव
- महंगाई से सुरक्षा
- पॉलिसी और जियोपॉलिटिकल बदलावों से हेजिंग
होती है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इक्विटी से पूरी तरह बाहर निकलकर गोल्ड-सिल्वर में निवेश तभी करना चाहिए जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के साफ संकेत मिलें। फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं है।
🔹 पोर्टफोलियो बैलेंस रखना क्यों जरूरी?
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि गोल्ड और सिल्वर की कीमतें इस समय काफी ऊंचे स्तर पर हैं। ऐसे में इनमें एकमुश्त बड़ी रकम निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में अभी तक गोल्ड या सिल्वर शामिल नहीं हैं, वे अपने कुल निवेश का:
👉 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा
गोल्ड और सिल्वर ETF में धीरे-धीरे निवेश कर सकते हैं।
वहीं, जिन निवेशकों का पोर्टफोलियो शेयरों में ज्यादा केंद्रित है, वे कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्टॉक्स से निकलकर उस पैसे को गोल्ड और सिल्वर ETF में ट्रांसफर कर सकते हैं।
✅ निष्कर्ष
गोल्ड और सिल्वर ETF आज निवेशकों के लिए एक मजबूत डाइवर्सिफिकेशन टूल बन चुके हैं। हालांकि, हालिया तेजी को देखकर घबराहट में इक्विटी से पैसा निकालना सही फैसला नहीं माना जा सकता। बेहतर रणनीति यह होगी कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो को संतुलित रखें और चरणबद्ध तरीके से गोल्ड और सिल्वर को शामिल करें।
लंबी अवधि में इक्विटी ग्रोथ देता है, जबकि गोल्ड और सिल्वर अनिश्चित समय में सुरक्षा प्रदान करते हैं। दोनों का संतुलन ही एक मजबूत निवेश रणनीति की पहचान है।



