Sikkim: टनल में फंसे 25 में से 20 मजदूरों के शव हुए बरामद, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, एंट्री गेट से लगभग 1.5 किमी अंदर फंसे हुए है मजदूर

इंटरनेट डेस्क। सिक्किम में एनएचपीसी के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की टनल में बड़ा हादसा सामने आने के बाद मजदूरों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है। लेकिन जो सबसे बड़े दुख की बात हैं वो यह हैं की टनल में फंसे 25 में से 20 मजदूरों के शव मंगलवार देर रात बरामद कर लिए गए। यानी के 20 लोगों की तो मौत हो चुकी है और पांच लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। देर रात तक भी टीमें बाकी पांच मजदूरों तक नहीं पहुंच पाईं।

अलग अलग जगह फंसे थे
मीडिया रिपोटर्स की माने तो ये सभी मजदूर टनल में अलग-अलग पॉइंट पर फंसे थे। टीमें इन तक पहुंचने के लिए 24 घंटे से मशक्कत कर रही थीं, लेकिन टनल में मीथेन गैस भरी होने के चलते कई बचावकर्मी बेहोश हो गए। यह आदित-3 टनल है, जो नामची जिले के समरडुंग-झोलुंगय में बन रहे तीस्ता स्टेज-6 प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसे पटेल इंजीनियरिंग कंपनी बना रही थी।

सोमवार को हुआ था हादसा
मीडिया रिपोटर्स की माने तो इस मामले में अधिकारियों ने बताया कि हादसा सोमवार दोपहर करीब 3.40 बजे हुआ। लैंडस्लाइड के बाद टनल के मुहाने पर मलबा जमा हो गया। टनल में मीथेन गैस लीक होने की आशंका है। रेस्क्यू करने गए वर्कर बेहोश हो गए। हादसा फेस-4बी के हिस्से में हुआ। मीथेन के साथ छत से गिरा मलबा सिर्फ यहीं भरा हुआ है। मजदूर टनल के एंट्री गेट से लगभग 1.5 किमी अंदर फंसे हुए हैं। बाकी हिस्सा सुरक्षित। 8-8 लोगों की टीम बारी-बारी से अंदर जा रही है। एक राहतकर्मी एक ऑक्सीजन सिलेंडर सिर्फ 40 मिनट चलता है। सिलेंडर खत्म होने से पहले उसे लौटना पड़ रहा।

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