Tech Tips: रिश्तेदार की आवाज में आया इमरजेंसी कॉल? AI डीपफेक फ्रॉड से बचने के लिए तुरंत करें ये 4 काम
- byvarsha
- 07 Oct, 2026
pc: amar ujala
तकनीक के इस दौर में जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारे कई कामों को आसान बना रहा है, वहीं साइबर अपराधी इसका गलत इस्तेमाल करके लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। आजकल 'AI Voice Cloning' और 'Deepfake' के जरिए किसी परिचित की आवाज और चेहरा बनाकर पैसों की ठगी करने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
अगर आपके पास भी किसी जानने वाले का अचानक कॉल आए और वह एक्सीडेंट या किसी इमरजेंसी का हवाला देकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहे, तो सावधान हो जाएं।
AI फ्रॉड और वॉइस क्लोनिंग की पहचान कैसे करें?
आवाज की टोन पर ध्यान दें: AI द्वारा क्लोन की गई आवाज में अक्सर बातचीत के दौरान हल्का रोबोटिक साउंड, असामान्य ठहराव या बैकग्राउंड नॉइज़ (अजीब आवाजें) सुनाई दे सकती हैं।
इमरजेंसी का दबाव बनाना: ठग अक्सर पीड़ित को सोचने या किसी और से बात करने का मौका नहीं देते और तुरंत पैसे भेजने का भारी दबाव बनाते हैं।
पर्सनल डिटेल्स पूछें: अगर आपको किसी रिश्तेदार की आवाज पर जरा भी शक हो, तो उनसे कोई ऐसा पुराना सवाल या फैमिली सीक्रेट पूछें जो केवल वही जानते हों।
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए तुरंत अपनाएं ये सुरक्षा टिप्स
दूसरा कॉल करके वेरीफाई करें: कॉल कट करके उस व्यक्ति के दूसरे नंबर पर या उनके घर के किसी सदस्य को फोन करके सच्चाई का पता लगाएं।
अनजान नंबरों से आए वीडियो कॉल से बचें: यदि कोई अनजान नंबर से व्हाट्सएप या अन्य ऐप पर वीडियो कॉल करे, तो अपनी स्क्रीन का स्क्रीनशॉट या चेहरा शेयर करने से बचें।
पारिवारिक सीक्रेट कोड बनाएं: अपने परिवार के सदस्यों के साथ एक ऐसा 'Emergency Passcode' (गुप्त कोड) तय रखें, जिसे केवल जरूरत के समय पहचान की पुष्टि के लिए इस्तेमाल किया जाए।
अगर साइबर फ्रॉड हो जाए तो क्या करें?
अगर आप किसी भी तरह की ऑनलाइन वित्तीय ठगी के शिकार हो जाते हैं, तो बिना देर किए Cyber Helpline Number 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।






