UPI Fraud Prevention: गलती से भी न करें ये 4 भूल, बिना OTP और QR Code स्कैन के खाली हो सकता है बैंक खाता
- byvarsha
- 23 Oct, 2026
pc: mint
डिजिटल लेनदेन ने हमारी जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है, लेकिन जरा सी लापरवाही से आपका बैंक खाता मिनटों में खाली हो सकता है। अधिकांश लोग यह मानते हैं कि बिना ओटीपी (OTP) शेयर किए फ्रॉड नहीं हो सकता, जबकि ठग अब कई नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
यूपीआई इस्तेमाल करते समय अक्सर होने वाली 4 बड़ी भूलें
पैसे प्राप्त करने के लिए UPI Pin डालना:
यह सबसे आम और बड़ा फ्रॉड है। ठग अक्सर OLX, सोशल मीडिया या फर्जी कस्टमर केयर बनकर कॉल करते हैं और कहते हैं कि वे आपको पैसे भेज रहे हैं। याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती। पिन केवल पैसे भेजने या बैलेंस चेक करने के लिए डाला जाता है।
अनजान QR Code को स्कैन करना:
यदि कोई व्यक्ति आपको यह कहकर क्यूआर कोड (QR Code) भेजता है कि इसे स्कैन करते ही आपके खाते में पैसे आ जाएंगे, तो उस पर भूलकर भी क्लिक या स्कैन न करें। क्यूआर कोड स्कैन करने का मतलब हमेशा आपके खाते से पैसे कटना होता है।
गूगल से कस्टमर केयर नंबर खोजना:
किसी भी ऐप, बैंक या डिलीवरी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर गूगल पर सर्च करने से बचें। साइबर अपराधी अक्सर सर्च इंजन पर अपने फर्जी नंबर 'कस्टमर केयर' के नाम से लिस्ट कर देते हैं, जिस पर कॉल करने पर वे आपकी बैंकिंग डिटेल्स चुरा लेते हैं।
फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट पर भरोसा करना:
दुकानदारों और विक्रेताओं को अक्सर फर्जी पेमेंट ऐप से बने फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर ठगा जाता है। जब तक आपके अपने बैंक ऐप या साउंडबॉक्स से पेमेंट मिलने का मैसेज न आ जाए, तब तक ट्रांजैक्शन को सफल न मानें।
यूपीआई सुरक्षा के 5 गोल्डन रूल्स
नियम 1: अपने UPI PIN को एटीएम कार्ड के पिन की तरह गुप्त रखें। इसे किसी के साथ साझा न करें।
नियम 2: किसी भी ऐप का कस्टमर केयर नंबर केवल उस ऐप के भीतर मौजूद 'Help & Support' सेक्शन से ही लें।
नियम 3: अपने मोबाइल में UPI ऐप्स के लिए फिंगरप्रिंट या मजबूत ऐप लॉक लगाकर रखें।
नियम 4: समय-समय पर अपने यूपीआई पिन को बदलते रहें।
नियम 5: यदि आपके साथ कोई धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करके यूपीआई सेवा ब्लॉक कराएं और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।






