महिलाओं में वजाइलन डिस्चार्ज की समस्या: जानें कब है नॉर्मल और कब है इन्फेक्शन का खतरा

PC: Hindsutan

महिलाओं के शरीर में सफ़ेद या साफ़ वजाइनल डिस्चार्ज होना एक स्वाभाविक और प्राकृतिक प्रक्रिया (Natural Process) है। यह वजाइना और सर्विक्स की ग्रंथियों से बनता है, जो अंग को साफ़ और नम रखने में मदद करता है। पीरियड्स साइकिल, ओव्यूलेशन और प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोनल बदलावों के कारण इसके रंग, मात्रा और गाढ़ेपन में बदलाव आना पूरी तरह सामान्य है।

कब हो सकता है इन्फेक्शन का संकेत?
अगर डिस्चार्ज के सामान्य पैटर्न में अचानक बदलाव आए और निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो यह किसी इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है:

डिस्चार्ज का रंग पीला, हरा या भूरा-सफ़ेद होना, अथवा उससे मछली जैसी तेज बदबू आना।

दही जैसा अत्यधिक गाढ़ा डिस्चार्ज होना।

डिस्चार्ज के साथ तेज खुजली, जलन, चुभन, पेट दर्द या पेशाब और सेक्स के दौरान दर्द होना।

यह समस्या बैक्टीरियल वेजिनोसिस (Bacterial Vaginosis), यीस्ट इन्फेक्शन (Yeast Infection) या एसटीआई (STI) जैसे ट्राइकोमोनिएसिस और क्लैमाइडिया के कारण हो सकती है।

बचाव और डॉक्टर की सलाह
खुद से दवा न लें: बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक्स या एंटीफंगल दवाएं लेने से बचें, क्योंकि गलत दवा से बीमारी का पता लगाने में देरी हो सकती है।

हाइजीन का ध्यान रखें: वजाइना अपनी सफाई खुद करती है। इसलिए खुशबूदार वॉश, डूशिंग या तेज साबुन के इस्तेमाल से बचें। सूती और सूखे अंडरवियर पहनें।

डॉक्टर से कब मिलें: यदि डिस्चार्ज में लगातार असामान्य बदलाव दिखे, साथ में बुखार, पेट दर्द या असामान्य ब्लीडिंग हो, तो तुरंत गाइनेकोलॉजिस्ट (Gynecologist) से जांच कराएं।