Vastu Tips: अगर आपको आ रही हैं पैसे की दिक्कतें और घर में लगातार हो रहे हैं झगड़े, तो इन वास्तु उपायों को आजमाएं
- byvarsha
- 16 Oct, 2026
PC: Navrashtra
घर में सुख-शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए साफ-सफाई व चीजों का व्यवस्थित होना बेहद जरूरी है। भारतीय मान्यताओं में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है, जो घर में खुशहाली और पॉजिटिव एनर्जी लाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर घर की चीजों को सही दिशा में रखा जाए और वास्तु के बुनियादी नियमों का पालन किया जाए, तो परिवार में खुशहाली और समृद्धि बनी रहती है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ आसान और असरदार वास्तु नियमों के बारे में:
ये वास्तु नियम घर का माहौल बदल सकते हैं।
घर के मुख्य द्वार पर शुभ चिन्ह
घर के मुख्य द्वार को साफ-सुथरा रखें। प्रवेश द्वार पर स्वास्तिक, ओम या शुभ लाभ जैसे शुभ चिन्ह पेंट करना शुभ माना जाता है। दरवाजे पर फूलों की माला या हार रखने की भी परंपरा है। स्वास्तिक, ओम या शुभ लाभ जैसे वास्तु चिन्ह लगाना शुभ माना जाता है।
दक्षिण-पूर्व दिशा का महत्व
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण-पूर्व दिशा, यानी अग्नि कोण, किचन के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर मुंह करें। चूल्हे और सिंक को एक-दूसरे के बहुत पास न रखें।
उत्तर दिशा को कुबेर से जुड़ा माना जाता है
तिजोरी को दक्षिण या पश्चिम दिशा में इस तरह रखें कि खोलने पर उसका दरवाज़ा उत्तर की ओर हो। उत्तर दिशा भगवान कुबेर से जुड़ी है।
बेडरूम में शीशा न लगाएं
उत्तर या पूर्व की दीवार शीशा लगाने के लिए सबसे अच्छी जगह मानी जाती है। बेडरूम में शीशा इस तरह न लगाएं कि सोते समय आपको अपने शरीर का प्रतिबिंब दिखाई दे।
सोने की दिशा
सोते समय दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर मुंह करना शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा में सिर करके सोने से बचें। इसके अलावा, इस्तेमाल के बाद बाथरूम का दरवाज़ा बंद रखें और जगह को साफ़ रखें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम में कांच के जार में समुद्री नमक रखने की सलाह दी जाती है।






