इंटरेनट डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक सिस्टम के माध्यम से आतंकवादी घटनाओं और आईडी विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से संभव हो सकेगा। शाह ने कहा कि यह सिस्टम देश की सुरक्षा के लिए डेटा कवच की तरह काम करेगा और जांच एजेंसियों को एक मजबूत तकनीकी प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।
डेटा का होगा केंद्रीकरण
मीडिया रिपोटर्स की माने तो गृह मंत्री ने बताया कि नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से देशभर में बिखरे हुए विभिन्न प्रकार के डेटा को केंद्रीकृत कर एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। इससे आतंकवादी घटनाओं की आपसी लिंकिंग का पता लगाना आसान होगा और जांच की गुणवत्ता के साथ-साथ गति भी बढ़ेगी। उन्होंने इसे वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब सही सूचना सही समय पर एजेंसियों को उपलब्ध हो सकेगी, जिससे किसी भी घटना पर त्वरित और बेहतर प्रतिक्रिया मिल सकेगी।
एनएसजी की भूमिका को सराहा
अमित शाह ने अपने संबोधन में एनएसजी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह देश की ‘जीरो टेरर फोर्स’ है और हर चुनौती में खरा उतरते हुए देश के नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करती है।
pc- indianexpress.com





