बजट 2026: बजट से पहले वित्त मंत्रालय के कर्मचारियों को क्यों किया जाता है ‘लॉक’? जानिए पूरी वजह

1 फरवरी 2026 को जब देश का आम बजट संसद में पेश किया जाएगा, तब करोड़ों लोगों की नजरें टैक्स, सब्सिडी और सरकारी खर्च पर होंगी। लेकिन बजट से पहले वित्त मंत्रालय में एक बेहद अहम और सख्त प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसके तहत बजट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को घर जाने से रोक दिया जाता है

यह प्रक्रिया एक पारंपरिक कार्यक्रम ‘हलवा सेरेमनी’ के बाद शुरू होती है और इसका उद्देश्य देश के सबसे संवेदनशील आर्थिक फैसलों को पूरी तरह गोपनीय रखना होता है।

क्या है हलवा सेरेमनी?

हलवा सेरेमनी वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित की जाती है। इस मौके पर:

  • एक बड़ी कढ़ाही में हलवा बनाया जाता है
  • वित्त मंत्री स्वयं मौजूद रहती हैं
  • बजट तैयार करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को हलवा परोसा जाता है

यह कार्यक्रम बजट की अंतिम तैयारी की आधिकारिक शुरुआत का संकेत होता है।

हलवा सेरेमनी क्यों मानी जाती है खास?

इस सेरेमनी के बाद:

  • बजट के बड़े फैसले और आंकड़े फाइनल हो जाते हैं
  • किसी बड़े बदलाव की गुंजाइश नहीं रहती
  • केवल तकनीकी या जरूरी छोटे संशोधन ही संभव होते हैं

यह उन अधिकारियों के महीनों की मेहनत को सम्मान देने का प्रतीक भी है, जो देश की आर्थिक दिशा तय करने में लगे रहते हैं।

क्या होता है लॉक-इन पीरियड?

हलवा सेरेमनी के तुरंत बाद बजट से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी लॉक-इन पीरियड में चले जाते हैं। इस दौरान:

  • वे नॉर्थ ब्लॉक परिसर में ही रहते हैं
  • घर, परिवार और बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह बंद रहता है
  • मोबाइल फोन, इंटरनेट, ईमेल और अन्य संचार साधनों पर रोक होती है

यह व्यवस्था बजट पेश होने तक लागू रहती है।

लॉक-इन पीरियड क्यों जरूरी है?

बजट में शामिल जानकारियां बेहद संवेदनशील होती हैं, जैसे:

  • टैक्स में बदलाव
  • सरकारी खर्च और सब्सिडी
  • अलग-अलग सेक्टरों को मिलने वाला आवंटन

अगर यह जानकारी पहले लीक हो जाए, तो:

  • शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है
  • कुछ लोग गलत तरीके से मुनाफा कमा सकते हैं

इसी खतरे से बचने के लिए सरकार पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह गोपनीय रखती है।

कब से चली आ रही है यह परंपरा?

साल 1950 में एक बार बजट से जुड़ी जानकारी पहले लीक हो गई थी। इसके बाद सरकार ने:

  • सख्त गोपनीय नियम लागू किए
  • लॉक-इन पीरियड की शुरुआत की
  • सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया

तब से यह परंपरा हर साल सख्ती से निभाई जाती है।

परंपरा और सुरक्षा का अनोखा मेल

हलवा सेरेमनी बजट की मीठी शुरुआत का प्रतीक है, जबकि लॉक-इन पीरियड उसकी कड़ी सुरक्षा को दर्शाता है। यह दिखाता है कि देश की आर्थिक स्थिरता के लिए परंपरा और अनुशासन दोनों कितने जरूरी हैं।

जब आम लोग बजट के फायदे गिनते हैं, तब पर्दे के पीछे सैकड़ों अधिकारी पूरी निष्ठा और गोपनीयता के साथ देश की आर्थिक नींव को मजबूत करते हैं।