1 अप्रैल से डिजिटल पेमेंट में होंगे बड़े बदलाव: जानें इसका आप पर क्या पड़ेगा असर; जानें वो सब जो आपको जानना ज़रूरी है
- byvarsha
- 30 Mar, 2026
PC: news24online
1 अप्रैल से लोगों के डिजिटल पेमेंट करने का तरीका बदल जाएगा। भारतीय रिज़र्व बैंक ने फ्रॉड कम करने के लिए नए नियम लाने का फ़ैसला किया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि डिजिटल ट्रांज़ैक्शन तेज़ी से बढ़ रहे हैं, और फ्रॉड के मामले भी बढ़ रहे हैं। अगर आप UPI, नेट बैंकिंग या मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं, तो पेमेंट प्रोसेस थोड़ा अलग हो जाएगा।
RBI ने अब सभी डिजिटल ट्रांज़ैक्शन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ज़रूरी कर दिया है। आसान शब्दों में कहें तो, कोई भी ऑनलाइन पेमेंट पूरा करने के लिए आपको दो अलग-अलग स्टेप्स में अपनी पहचान वेरिफ़ाई करनी होगी। पहले, कई प्लेटफ़ॉर्म सिर्फ़ एक क्लिक या एक पिन से पेमेंट करने की सुविधा देते थे।
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन क्या है?
RBI ने डिजिटल पेमेंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ज़रूरी कर दिया है। इसमें कम से कम एक डायनामिक फ़ैक्टर जैसे वन-टाइम पासवर्ड (OTP), बायोमेट्रिक वेरिफ़िकेशन (जैसे फ़िंगरप्रिंट), या डिवाइस-बेस्ड ऑथेंटिकेशन शामिल होगा। इसका मतलब है कि हर ट्रांज़ैक्शन के लिए एक यूनिक कोड या सिक्योरिटी स्टेप की ज़रूरत होगी, जो तुरंत जेनरेट होगा और जिसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
2FA के क्या फ़ायदे हैं?
पहले, बहुत से लोग एक ही PIN का इस्तेमाल कई ट्रांज़ैक्शन के लिए करते थे, जिससे हैकर्स के लिए इसका गलत इस्तेमाल करना आसान हो जाता था।
2FA से, हर बार एक नया सिक्योरिटी कोड जेनरेट होगा। अगर किसी को आपका पासवर्ड या PIN पता भी है, तो भी वे दूसरे वेरिफिकेशन स्टेप के बिना ट्रांज़ैक्शन पूरा नहीं कर पाएंगे। इससे पेमेंट ज़्यादा सुरक्षित हो जाते हैं।
यूज़र्स को क्या ऑप्शन मिलेंगे?
बैंक और फिनटेक कंपनियां अब कई ऑथेंटिकेशन ऑप्शन देंगी। यूज़र्स चुन सकते हैं कि उनके लिए सबसे अच्छा क्या है।
कुछ ऑप्शन में शामिल हैं:
OTP + PIN
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन + डिवाइस बाइंडिंग
टोकन-बेस्ड ऑथेंटिकेशन + पासवर्ड
क्या फ्रॉड होने पर बैंक ज़िम्मेदार होंगे?
अगर बैंक या सर्विस प्रोवाइडर इन नियमों का ठीक से पालन नहीं करते हैं, तो वे पूरी तरह से ज़िम्मेदार होंगे। हालांकि, अगर गलती यूज़र की तरफ से होती है, जैसे OTP या PIN शेयर करना, तो यूज़र ज़िम्मेदार होगा।






