सोना-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल: एक हफ्ते में सोना ₹16,480 महंगा, चांदी ₹40,000 चढ़ी

कीमती धातुओं के बाजार में इस सप्ताह ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली है। सोने और चांदी दोनों की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है, जिससे निवेशकों में उत्साह बढ़ गया है। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग इसके पीछे प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

25 जनवरी 2026 को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

भारत में सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड पर

पिछले एक सप्ताह में 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹16,480 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। वहीं 22 कैरेट सोना भी लगभग ₹15,100 प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है।

राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,60,410 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,47,050 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव लगभग 4,967 डॉलर प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रहा है।

देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव

देश के प्रमुख महानगरों में सोने की कीमतों में लगभग समानता देखने को मिली।

मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,60,260 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा।

पुणे और बेंगलुरु में भी इसी स्तर पर कीमतें दर्ज की गईं। जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,60,410 प्रति 10 ग्राम के करीब रहा।

तेजी के पीछे क्या हैं कारण?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना है। जब ब्याज दरें घटती हैं, तो सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश अधिक आकर्षक हो जाते हैं।

गोल्डमैन सैक्स ने दिसंबर 2026 के लिए सोने की कीमत का अनुमान बढ़ाकर 5,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशक सोना बेचने के बजाय उसे अपने पास रखना पसंद करेंगे।

इसके अलावा महंगाई की आशंका, डॉलर में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव भी सोने की मांग को बढ़ा रहे हैं।

चांदी में भी रिकॉर्ड तेजी

चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिला है। बीते एक सप्ताह में चांदी ₹40,000 प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई है।

25 जनवरी को भारत में चांदी का भाव लगभग ₹3,35,000 प्रति किलोग्राम रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव करीब 99.46 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया।

चांदी की मांग इंडस्ट्रियल सेक्टर, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों के कारण भी बढ़ रही है।

निवेशकों और खरीदारों पर असर

इस तेजी से निवेशकों को अच्छा मुनाफा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो सोना और चांदी आगे भी मजबूत बने रह सकते हैं।

हालांकि, गहने खरीदने वालों के लिए यह समय थोड़ा महंगा साबित हो सकता है। बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोग जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय कीमतों पर नजर रखें और लंबी अवधि की योजना बनाकर निवेश करें।

सोना और चांदी दोनों की कीमतों में आई यह तेजी वैश्विक आर्थिक बदलावों और निवेशकों की सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ती रुचि को दर्शाती है। ब्याज दरों में संभावित कटौती और अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच कीमती धातुएं एक बार फिर मजबूत निवेश साधन बनकर उभरी हैं।

यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है, तो आने वाले महीनों में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिल सकती है।