हनुमान: 10 मंगलवार तक हनुमान जी को ये फल चढ़ाने के साथ-साथ करें ये उपाय, मनोकामना होगी पूरी।

हनुमान: जीवन में मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए हनुमान की पूजा अनिवार्य मानी गई है। हनुमान और उनका चरित्र जीवन की हर चुनौती या कठिनाई को बहादुरी, दृढ़ता से पार करने की अद्भुत प्रेरणा है।

 

हनुमान : हनुमान अपनी भक्ति, शक्ति और बुद्धि के लिए चारों युगों में पूजनीय रहे हैं। हनुमानजी के बारे में तुलसीदास लिखते हैं, 'संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बल बीरा' यानी कि हनुमानजी हर तरह के कष्ट और खतरे को दूर करने की क्षमता रखते हैं।

 यदि हर कठिन घड़ी में सच्चे मन से पुकारा जाए तो संकट के समय वह अचूक सहायक होता है। शनिवार और मंगलवार हनुमानजी को समर्पित हैं। इस दिन कुछ उपाय करने से कष्टभंजन हर मनोकामना पूरी करता है।

 जानिए बजरंगबली पूजा के नियम

  • हनुमान को बल, बुद्धि, ज्ञान, शौर्य और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है। संकट के समय हनुमान जी का स्मरण साधक के हर संकट को दूर कर देता है। इसे संकटमोचक कहा जाता है. कैसे करें बजरंग बली की पूजा, जानें 7 अहम बातें
  • मंगलवार, शनिवार या हनुमान जयंती पर सूर्योदय से पहले स्नान करें और श्री हनुमते नम: मंत्र का जाप करें।
  •  मंगलवार, शनिवार या हनुमान जयंती के दिन सुबह तांबे के लोटे में जल और सिन्दूर मिलाकर श्री हनुमानजी को अर्पित करें।
  •  हनुमान जयंती के दिन श्री हनुमान यंत्र की स्थापना कर उसे लाल धागे में धारण करें, फिर हर मंगलवार को उसकी नियमित पूजा करें।
  • हनुमान जयंती के दिन से लगातार 10 मंगलवार तक श्री हनुमान को लौकी का भोग लगाएं।
  •  हनुमान जयंती के दिन से शुरू करके हर मंगलवार को श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  •  हनुमान जयंती के दिन श्री हनुमान के मंदिर में जाकर लगातार 10 मंगलवार तक केले का प्रसाद चढ़ाएं।
  • चमेली के तेल में सिन्दूर मिलाकर श्री हनुमानजी को अर्पित करें। हनुमान जयंती और मंगलवार के दिन यह उपाय करने से शीघ्र सफलता मिलती है।

जीवन में मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए हनुमान जी की पूजा उत्तम मानी गई है। हनुमान और उनका चरित्र जीवन की हर चुनौती या कठिनाई को बहादुरी, दृढ़ता से पार करने की अद्भुत प्रेरणा है। हनुमान को चिरंजीवी भी माना जाता है। ऐसी अद्भुत शक्तियों और गुणों के स्वामी होने के कारण उन्हें जागृत देवता के रूप में पूजा जाता है। इसलिए किसी भी समय हनुमान की भक्ति व्यक्ति को तन, मन और धन से समृद्ध बना देती है। इस विशेष अवसर पर हनुमान जयंती से हनुमान मंत्र आरंभ करना बहुत शुभ होता है। इसके चमत्कारी प्रभाव से चारों ओर खुशियां बरसने लगेंगी।

उपकरण कैसे लगाएं

  • स्नान करने के बाद श्री हनुमानजी की पंचोपचार पूजा करें यानी सिन्दूर, गंध, अक्षत, फूल और प्रसाद चढ़ाएं।
  • गुग्गल धूप और दीपक जलाकर कष्ट निवारण की इच्छा से लाल आसन पर बैठें और नीचे लिखे हनुमान मंत्र का जाप करें और अंत में श्री हनुमान की आरती करें।

ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय

विश्वरूपाय अमित विक्रमाय

प्रकट पराक्रम महाबलाय

सूर्य कोटिसममप्रभाय रामदूतै स्वाहा

-ज्योतिषी तुषार जोशी