Holika Dahan 2026 Date: 2 मार्च या 3 मार्च? आखिर कब है होलिका दहन? तारीख, समय जानें यहाँ

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होलिका दहन, रंगो का त्यौहार होली मनाने की शुरुआत का निशान है और प्रह्लाद और होलिका की कहानी से जुड़ा है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत को दिखाता है।

2026 में होलिका दहन कब मनाया जाएगा?

हर साल, छोटी होली मार्च में मनाई जाती है। इस साल, होलिका दहन 3 मार्च, 2026 को मनाया जाएगा।

होलिका दहन मुहूर्त

मुहूर्त का समय बहुत ज़रूरी माना जाता है, क्योंकि कई भक्तों का मानना ​​है कि शुभ मुहूर्त में पूजा करने से फ़ायदा, सफलता मिलती है और नेगेटिव एनर्जी दूर होती है। इस साल, खास समय ये हैं:

होलिका दहन 2026 के लिए पूर्णिमा तिथि का समय

पूर्णिमा तिथि शुरू: 05:55 PM, 2 मार्च, 2026
पूर्णिमा तिथि खत्म: 05:07 PM, 3 मार्च, 2026

होलिका दहन 2026 पर भद्रा का समय
कई परिवार भद्रा के दौरान होलिका जलाने से बचते हैं। नई दिल्ली के लिए, द्रिक पंचांग में ये लिस्ट है:

भद्रा पुंछ: 01:25 AM से 02:35 AM, 3 मार्च
भद्रा मुख: 02:35 AM से 04:30 AM, 3 मार्च

होलिका दहन क्यों मनाया जाता है?
भारत और नेपाल में लाखों लोग हर साल होलिका दहन मनाने के लिए एक साथ आते हैं, जो बुराई पर अच्छाई और घमंड पर विश्वास की जीत का प्रतीक है।

होलिका दहन के पीछे की कहानी
होलिका दहन प्रह्लाद और होलिका की कहानी से जुड़ा है। प्रह्लाद एक छोटा लड़का था जो भगवान विष्णु का सच्चा भक्त था, लेकिन उसके पिता, राजा हिरण्यकश्यप चाहते थे कि सब उसकी पूजा करें। जब प्रह्लाद ने मना कर दिया, तो राजा गुस्सा हो गए और उन्हें नुकसान पहुंचाने के कई तरीके आजमाए। आखिर में, राजा ने अपनी बहन होलिका से मदद मांगी। माना जाता था कि होलिका को आग से खास सुरक्षा मिली हुई थी, इसलिए वह प्रह्लाद को मारने के लिए जलती हुई चिता में उसके साथ बैठ गई। लेकिन, जैसा कि कहानी कहती है, प्रह्लाद अपने विश्वास की वजह से बच गया, और होलिका जल गई।

इसीलिए लोग होलिका की आग जलाते हैं, ताकि याद रहे कि अच्छाई और सच्चाई हमेशा बुराई पर जीतती है।