iPhone यूज़र्स को हैकिंग का खतरा! यह वेबसाइट आपके फ़ोन को ऑटोमैटिकली कर सकती है हैक, रहें सावधान!

PC: navarashtra

दुनिया भर के iPhone यूज़र्स के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, एक खतरनाक स्पाइवेयर टूल लाखों iPhone डिवाइस को खतरे में डाल सकता है। रिसर्चर्स ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर टूल खोजा है जो यूज़र की जानकारी के बिना चुपके से फ़ोन एक्सेस कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह टूल ऑनलाइन एक्टिव है और कुछ हैकर ग्रुप इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

बिना ऐप डाउनलोड किए फ़ोन हैक…
सबसे चिंता की बात यह है कि इस अटैक के लिए यूज़र को कोई ऐप डाउनलोड करने की ज़रूरत नहीं है। बस एक इन्फेक्टेड वेबसाइट खोलना ही काफी हो सकता है। फिर यह टूल फ़ोन के सिस्टम को एक्सेस करके डेटा हासिल कर सकता है। इस स्पाइवेयर की खासियत यह है कि यह फ़ोन पर कई तरह की जानकारी एक्सेस कर सकता है। इसमें मैसेज, ईमेल, लोकेशन और दूसरा पर्सनल डेटा शामिल हो सकता है। इसीलिए इसे बहुत खतरनाक माना जाता है।

Apple की वेबसाइट के मुताबिक, दुनिया भर में 25% यूज़र अभी भी iOS के पुराने वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर इसका हिसाब लगाया जाए, तो लगभग 270 मिलियन iPhone यूज़र खतरे में हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह खतरा खास तौर पर पुराने सॉफ़्टवेयर वर्शन इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए बहुत ज़्यादा है। बहुत से लोग अपने फ़ोन को समय पर अपडेट नहीं करते हैं, जिससे ऐसे अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

डार्कस्वॉर्ड क्या है?
डार्कस्वॉर्ड नाम का यह मैलवेयर तुरंत iPhones को हैक कर सकता है। रिसर्चर्स के मुताबिक, 220 से 270 मिलियन iPhones खतरे में हो सकते हैं क्योंकि उनमें पुराना सॉफ्टवेयर चल रहा है। यह स्पाइवेयर iOS 18.4 और 18.6 पर चलने वाले स्मार्टफोन्स में घुसपैठ करके उन्हें हैक कर सकता है। दिक्कत यह है कि यह मैलवेयर अटैक .gov.ua जैसी वेबसाइट्स के ज़रिए किया जाता है, जो असली लगती हैं।

Apple के एक स्पोक्सपर्सन ने रॉयटर्स को बताया कि सॉफ्टवेयर को अपडेट रखकर इस तरह के मैलवेयर को रोका जा सकता है। कंपनी ने आगे कहा कि Apple का ‘सेफ ब्राउज़िंग’ ऐसी खतरनाक वेबसाइट्स को ब्लॉक करता है। यह दिक्कत गंभीर है, क्योंकि अब तक ऐसे एडवांस्ड टूल्स ने कुछ खास लोगों को ही टारगेट किया है। हालांकि, अब इनका दायरा बढ़ रहा है और आम यूज़र्स भी प्रभावित हो सकते हैं। Apple समय-समय पर सिक्योरिटी अपडेट्स रिलीज़ करता रहता है, लेकिन असली दिक्कत यह है कि सभी यूज़र्स समय पर अपडेट नहीं करते हैं। यही वजह है कि लाखों डिवाइस अभी भी खतरे में हो सकते हैं।