31 दिसंबर की ITR डेडलाइन मिस हो गई? अब भी मिल सकता है टैक्स रिफंड – जानिए आसान तरीका

ITR Filing Deadline: अगर आप 31 दिसंबर की रिवाइज्ड ITR डेडलाइन मिस कर चुके हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बहुत से टैक्सपेयर्स सोचते हैं कि एक बार डेडलाइन निकल गई तो उनका रिफंड भी गया, लेकिन सच्चाई यह है कि इनकम टैक्स कानून आपको अब भी एक मौका देता है।

वित्त वर्ष 2024-25 (असेसमेंट ईयर 2025-26) के लिए लेट और रिवाइज्ड रिटर्न की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 थी। अगर आप इस तारीख तक अपनी गलती नहीं सुधार पाए, तो सेक्शन 154 के तहत आप Rectification Request दाखिल कर सकते हैं और अपना रिफंड हासिल कर सकते हैं।

सेक्शन 154 क्या है और कैसे मदद करता है?

सेक्शन 154 का इस्तेमाल उन गलतियों को सुधारने के लिए किया जाता है जो रिकॉर्ड से साफ दिखाई देती हैं, जैसे:

  • इनकम का गलत कैलकुलेशन
  • कोई डिडक्शन या छूट छूट जाना
  • TDS क्रेडिट का मिसमैच
  • टैक्स अमाउंट में गलती

अगर ऐसी गलती की वजह से आपका रिफंड कम हो गया या टैक्स ज्यादा लग गया, तो आप इसे सुधार सकते हैं।

ध्यान रखें, इस विकल्प से नई जानकारी जोड़ने की अनुमति नहीं होती

Rectification Request कैसे करें – स्टेप बाय स्टेप

  1. इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें
  2. ‘Services’ टैब में जाकर ‘Rectification’ पर क्लिक करें
  3. असेसमेंट ईयर और संबंधित रिटर्न चुनें
  4. गलती का सही विवरण भरें
  5. आधार OTP, नेट बैंकिंग या EVC से वेरिफाई करें
  6. रिक्वेस्ट सबमिट करें और ACK नंबर सेव कर लें

आमतौर पर 4 से 6 हफ्तों में प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

अगर रिफंड जारी हो चुका है लेकिन मिला नहीं?

  • बैंक अकाउंट को प्री-वैलिडेट करें
  • ‘Refund Re-issue’ ऑप्शन चुनें
  • सही IFSC और अकाउंट नंबर अपडेट करें

रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें?

  • पोर्टल पर लॉगिन करें
  • ‘Refund Status’ पर जाएं
  • PAN और AY डालें
  • स्टेटस देखें – Processing, Issued या Credited

अगर देरी हो रही है तो ईमेल और SMS जरूर चेक करें।

क्या देरी पर ब्याज भी मिलेगा?

हां। टैक्स विभाग देरी होने पर 0.5% प्रति माह ब्याज देता है, ताकि टैक्सपेयर्स को नुकसान न हो।

क्यों यह सुविधा टैक्सपेयर्स के लिए राहत है?

कई लोग जल्दबाजी में ITR भर देते हैं और बाद में पता चलता है कि कोई जरूरी जानकारी छूट गई। सेक्शन 154 उन्हें एक और मौका देता है, जिससे उनका पैसा सुरक्षित रहता है।

हाल ही में टैक्स विभाग ने हजारों लोगों को नोटिस भेजकर रिटर्न सुधारने को कहा था। लेकिन जो समय पर नहीं कर पाए, उनके लिए यह आखिरी वैध रास्ता है।

ध्यान रखने वाली जरूरी बातें

  • सिर्फ रिकॉर्ड से साफ गलतियां ही सुधारी जा सकती हैं
  • सभी दस्तावेज तैयार रखें
  • बैंक डिटेल्स सही और अपडेट हों
  • नियमित रूप से स्टेटस चेक करते रहें

31 दिसंबर की ITR डेडलाइन मिस होना दुनिया का अंत नहीं है। सेक्शन 154 के जरिए आप अब भी अपनी गलती सुधार सकते हैं और टैक्स रिफंड पा सकते हैं। समय रहते कदम उठाएं और अपने मेहनत के पैसे को सुरक्षित रखें।