रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण! गलती से भी न करें ये काम, क्या भारत में दिखेगा?
- byvarsha
- 27 Aug, 2026
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण रक्षा बंधन के दिन लगेगा। यानी 28 अगस्त को राखी के त्योहार के साथ ही ग्रहण शुरू हो जाएगा। पंचांग के अनुसार, यह ग्रहण 28 अगस्त को सुबह 8:04 बजे शुरू होगा और 11:21 बजे खत्म होगा। असल में, यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। इसके साथ ही, यह साल का आखिरी ग्रहण भी होगा। इसके बाद, 2026 में कोई और ग्रहण नहीं लगेगा। इस ग्रहण के चरम चरण के दौरान, चंद्रमा का अधिकांश हिस्सा पृथ्वी की छाया से पूरी तरह ढक जाएगा। इसमें चंद्रमा कटा हुआ दिखाई देगा। आइए जानते हैं कि ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा और इसका असर कहां होगा।
कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, प्रशांत महासागर के पूर्वी हिस्सों और अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा। यह वियना, पेरिस, रोम, बर्लिन, प्राग, ब्रुसेल्स, मैड्रिड, लंदन, रियो डी जनेरियो, न्यूयॉर्क, जोहान्सबर्ग और ब्यूनस आयर्स शहरों में दिखाई देगा। यह चंद्र ग्रहण भी पूर्ण रूप से दिखाई देगा। 28 अगस्त, 2026 का चंद्र ग्रहण भारत, बांग्लादेश, चीन, जापान, नेपाल, श्रीलंका और एशिया के अधिकांश हिस्सों में दिखाई नहीं देगा। इसके अलावा, यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश हिस्सों और पश्चिमी प्रशांत महासागर से दिखाई नहीं देगा।
क्या यह भारत में दिखाई देगा?
इस चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल लागू नहीं होगा, क्योंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू होता है। जबकि सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले शुरू होता है।
चंद्र ग्रहण के दौरान खाना खाना और पकाना पूरी तरह से मना है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दौरान खाना दूषित हो जाता है। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। उन्हें घर से बाहर निकलने की भी मनाही होती है। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान कपड़े धोने, सब्ज़ी काटने या सिलाई करने से भी मना किया जाता है। माना जाता है कि राहु और केतु के बुरे असर से बच्चा शारीरिक रूप से विकलांग हो सकता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान ये सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है।





