Rajasthan: गहलोत ने अरावली की पहाड़ियों के खनन को लेकर चेताया, कहा - दिल्ली तब बन जाएगा रेगिस्तान
- byShiv
- 17 Dec, 2025
इंटरनेट डेस्क। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अरावली की पहाड़ियों को लेकर मंगलवार को एक बड़ी बात कही। उन्होंने अरावली पहाड़ियों को राजस्थान का कवच बताया और कहा कि इसकी छोटी पहाड़ियों को खनन के लिए खोल देने का मतलब दिल्ली और पूर्वी राजस्थान तक रेगिस्तान को निमंत्रण देना है। गहलोत ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में ऐसी रिपोर्ट पेश की है जिससे अरावली का दायरा सिमट गया है।
क्या बोले गहलोत
मीडिया रिपोटर्स की माने तो उन्होंने कहा, अरावली राजस्थान का केवल पर्वत नहीं, हमारा रक्षा कवच है। केंद्र सरकार की सिफारिश पर इसे 100 मीटर के दायरे में समेटना, प्रदेश के 90 फीसदी अरावली के मृत्यु प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने जैसा है। उन्होंने कहा, सबसे भयावह तथ्य यह है कि राजस्थान की 90 प्रतिशत अरावली पहाड़ियां 100 मीटर से कम हैं। यदि इन्हें परिभाषा से बाहर कर दिया गया, तो यह केवल नाम बदलना नहीं है, बल्कि कानूनी कवच हटाना है। उनके अनुसार, इसका सीधा मतलब है कि इन क्षेत्रों में अब वन संरक्षण अधिनियम लागू नहीं होगा और खनन बेरोकटोक हो सकेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ की परिभाषा उसकी ऊंचाई से नहीं, बल्कि उसकी भूगर्भीय संरचना से होती है। उन्होंने कहा कि एक छोटी चट्टान भी उसी टेक्टोनिक प्लेट और पर्वतमाला का हिस्सा है जो एक ऊंची चोटी है और इसे अलग करना वैज्ञानिक रूप से तर्कहीन है।
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