Sharadiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्र कल से, जाने कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त से लेकर विधि

इंटरनेट डेस्क। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का बहुत बड़ा महत्व माना गया है। यह समय ऐसा होता हैं जब 9 दिनों तक माता के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि पर्व अत्यंत पवित्र और ऊर्जावान माना जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से इसकी शुरूआत होती है। इस बार शारदीय नवरात्र का आरंभ रविवार, 11 अक्टूबर से हो रहा है। आइए जानते हैं घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और विधि।

कलश स्थापना (घटस्थापना) का शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त की कुल अवधि- सुबह 8.05 से दोपहर 12.24 बजे तक
चंचल बेला (शुभ बेला)- सुबह 8.05 से 9.31 बजे तक
अमृत बेला- सुबह 9.31 से दोपहर 12.24 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11.36 से दोपहर 12.24 बजे तक

नवरात्र की प्रमुख तिथियां और नियम
घटस्थापनाः 11 अक्टूबर
महाष्टमी व्रतः 18 अक्टूबर
व्रत पारण (समापन)- 20 अक्टूबर (मंगलवार, सुबह 9.35 बजे के बाद)

घटस्थापना की सामान्य विधि और जरूरी सामग्री
स्थान की शुद्धि- पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करके गंगाजल छिड़कें और लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। 
माता की मूर्ति/तस्वीररू चौकी पर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। 
कलश स्थापनाः तांबे या मिट्टी के कलश में गंगाजल भरें, उसमें सुपारी, सिक्का, अक्षत और दूर्वा डालें,  कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते रखकर उस पर नारियल लाल कपड़े में लपेटकर रखें। 
जौ बोनाः एक साफ मिट्टी के बर्तन में खेत या पवित्र मिट्टी डालकर जौ (धान) के बीज बोएं, जिन्हें नौ दिनों तक जल से सींचा जाता है।

pc- panchangbodh.com