Silent Heart Attack Warning: साइलेंट हार्ट अटैक को पहचानें! स्ट्रोक से पहले शरीर में होते हैं ये बदलाव

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हार्ट अटैक आज भी मौत के मुख्य कारणों में से एक माना जाता है। अगर सही समय पर इलाज मिल जाए, तो जान बचाई जा सकती है। लेकिन, अगर इलाज में देरी हो, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बहुत से लोग हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

अमेरिका में सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है। हर साल करीब 8,05,000 हार्ट अटैक आते हैं। इनमें से करीब 6,05,000 लोगों को पहला अटैक आता है। जबकि 2,00,000 लोगों को दोबारा अटैक आने की बात कही जाती है।

हर पांच में से एक हार्ट अटैक साइलेंट होता है। यानी, उस समय शरीर को नुकसान होता है। लेकिन व्यक्ति को इसके लक्षण महसूस नहीं होते। आइए जानें कि ये लक्षण क्या हैं।

चक्कर आना
अचानक चक्कर आना, हल्का महसूस होना या तबीयत खराब होना हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। हार्ट फाउंडेशन के मुताबिक, अगर अचानक ऐसा लगे कि चीजें घूम रही हैं, तो इसका मतलब है कि दिल ठीक से खून पंप नहीं कर रहा है।

सांस फूलना
एक्सरसाइज़ के दौरान सांस फूलना आम बात है। लेकिन, आराम करते समय अचानक सांस फूलना या बिना किसी वजह के सांस फूलना हार्ट प्रॉब्लम का संकेत हो सकता है।

मतली या सीने में जलन
पेट दर्द हमेशा हार्ट से जुड़ा नहीं होता। लेकिन, लगातार जी मिचलाना, सीने में जलन या उल्टी होना कभी-कभी हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।

कोई साफ़ लक्षण नहीं
कभी-कभी कोई साफ़ लक्षण नहीं दिखते, और यही सबसे ज़्यादा चिंता की बात है। इस तरह के अटैक को साइलेंट हार्ट अटैक कहते हैं। इसमें व्यक्ति को ज़्यादा परेशानी महसूस नहीं होती या कोई साफ़ लक्षण नहीं दिखते। हार्ट फ़ाउंडेशन के मुताबिक, ऐसी स्थिति में तुरंत पता नहीं चलता कि अटैक आया है।