Vastu Tips: घर की नेमप्लेट किस मटीरियल की होनी चाहिए? लकड़ी, मेटल या पत्थर; जानें क्या होता है शुभ?
- byvarsha
- 14 Sep, 2026
pc: magicbricks
घर के मेन दरवाज़े पर लगी नेमप्लेट घर की पहचान होती है। सभी चाहते हैं कि नेमप्लेट सुंदर लगे इसलिए अलग अलग धातुओं से नेमप्लेट बनवाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार नेमप्लेट का मटीरियल और दिशा घर में आने वाली एनर्जी पर असर डालती है। इसलिए, नेमप्लेट चुनते समय कुछ वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए। हम आपको बताने जा रहे हैं कि आपको कौनसी नेमप्लेट चुननी चाहिए?
लकड़ी की नेमप्लेट
वास्तु शास्त्र के अनुसार, लकड़ी का संबंध तरक्की, स्थिरता और खुशहाली से होता है। इसलिए, लकड़ी की नेमप्लेट घरों के लिए शुभ मानी जाती हैं। इसके लिए सागौन, शीशम, महोगनी और आम जैसी मज़बूत लकड़ियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, प्लाईवुड, MDF या प्लास्टिक से बनी नेमप्लेट से बचने की सलाह दी जाती है। लकड़ी की नेमप्लेट के लिए पूर्व और दक्षिण दिशा शुभ मानी जाती है।
मेटल नेमप्लेट
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मेटल नेमप्लेट धन और नए मौकों से जुड़ी होती हैं। पीतल, तांबा, स्टील और लोहे जैसे मेटल से आकर्षक नेमप्लेट बनाई जा सकती हैं। पीतल की नेमप्लेट घर के लिए खास तौर पर शुभ मानी जाती हैं। मेटल नेमप्लेट के लिए उत्तर और पश्चिम दिशा सबसे अच्छी मानी जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है। इसलिए, इस दिशा में पीतल की नेमप्लेट लगाना धन और खुशहाली के लिए शुभ माना जाता है।
स्टोन नेमप्लेट
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पत्थर पृथ्वी तत्व से जुड़ा है। यह ताकत और स्थिरता का प्रतीक है। घर के मुख्य दरवाज़े पर मार्बल, ग्रेनाइट और दूसरे नेचुरल पत्थरों से बनी नेमप्लेट लगाई जा सकती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह नेगेटिव एनर्जी से बचाने से भी जुड़ी है। पत्थर की नेमप्लेट के लिए दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा शुभ मानी जाती है। दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थिरता से जुड़ी है। माना जाता है कि यहां नेमप्लेट लगाने से परिवार के मुखिया का रुतबा और असर बढ़ सकता है।






