Nepal: विनाशकारी प्रलय में अब तक 469 लोगों की मौत, 1500 से ज्यादा लापता, 290 भारतीय नागरिको का नहीं मिला सुराग

इंटरनेट डेस्क। नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी प्रलय में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है, जबकि सीमा के दोनों ओर 1545 लोग अभी भी लापता हैं। बताया जा रहा हैं की नदी के 200 किमी तक की मोर्चरी शवो से भरी पड़ी है। लाशे तैरकर यूपी तक पहुंच चुकी है। हालांकि, भोटे कोशी नदी के उद्गम स्थल के पास बनी एक नई बांध झील को लेकर चिंता बनी हुई है। अधिकारियों को आशंका है कि बांध टूटने से पानी का एक और तेज बहाव आ सकता है। इससे आपदा और भी गंभीर हो सकती है।

इस बीच, दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके चलते नेपाल में बाढ़ की नई चेतावनी जारी की गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के मद्देनजर अधिकारियों ने त्रिशुली क्षेत्र में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है। नेपाल पुलिस ने बताया कि तिब्बत की ओर स्थित एक बांध फिर से टूट गया है। इस कारण वहां के निवासियों, सुरक्षाकर्मियों और बचाव कर्मियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है। 

त्रिशुली और धोबी नदी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी बढ़ने से निवासियों को अपने घर, दुकानें और सामान छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा। दुर्गम भूभाग और खराब मौसम के बावजूद बचाव अभियान जारी है। भारत ने एक बड़ा बचाव और राहत अभियान शुरू किया है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में फंसे 290 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं और उनकी खोज और बचाव कार्य में समन्वय स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। अब तक भारत ने 84 नागरिकों को बचाया है, जिनमें त्रिशुली- जलविद्युत परियोजना के 63 कर्मचारी और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं।

pc- newsonair.gov.in