Astrology: यह फूल है देवी लक्ष्मी का प्रतीक, इसे घर में लगाने से बढ़ती है आर्थिक समृद्धि और सकारात्मकता
- byvarsha
- 21 Jul, 2026
pc: amar ujala
घर किसी भी इंसान की ज़िंदगी में सबसे ज़रूरी जगह होती है। लोग अपने घर को सुंदर बनाने की पूरी कोशिश करते हैं। सिर्फ़ घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि घर में पॉज़िटिव एनर्जी लाने के लिए भी घर में तरह-तरह के पेड़-पौधे लगाए जाते हैं। वास्तु शास्त्र में तुलसी, अपराजिता, अशोक जैसे कई शुभ पेड़-पौधों के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई है। इसमें कनेर फूल का पेड़ भी इन्हीं शुभ पेड़ों में से एक है। इस फूल के पेड़ को बहुत असरदार माना जाता है। इस फूल के पेड़ को घर में लगाने से पैसे की बरकत और पॉज़िटिविटी बढ़ती है। तो चलिए जानते हैं वास्तु के हिसाब से इस कनेर का फूल के पेड़ का दूसरा महत्व।
पुराणों के अनुसार, कनेरके पौधे को धन और खुशहाली की देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि जिस घर में यह शुभ पौधा सही जगह और सही दिशा में लगाया जाता है, वहां हमेशा धन और खुशहाली बनी रहती है। शास्त्रों में इस पौधे के अलग-अलग रंगों का खास महत्व बताया गया है।
सफेद और पीले कनेर के फूलों का महत्व
सफेद कनेर का फूल देवी लक्ष्मी को बहुत प्रिय माना जाता है। इस रंग के कनेर को घर में लगाने से देवी लक्ष्मी का हमेशा वास रहता है। पैसों की दिक्कतें दूर होती हैं। वहीं, पीले कनेर का फूल भगवान विष्णु को समर्पित है। घर में पीले कनेर का पौधा लगाने से शांति और खुशी बनी रहती है। इसके अलावा, पीला कनेर घर के वास्तु दोष भी दूर करता है।
वास्तु एक्सपर्ट्स के अनुसार, कनेर का पौधा घर की नेगेटिव एनर्जी को सोख लेता है। इस पौधे को सही दिशा में लगाने से रुके हुए काम पूरे होते हैं और परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल बना रहता है।
कनेर के पौधे लगाते समय इन बातों का ध्यान रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कनेर लगाने के लिए उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा सबसे अच्छी होती है। उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा इस पौधे के लिए सही नहीं है। कनेर जहरीला हो सकता है, इसलिए इसे घर के अंदर नहीं बल्कि खुली जगह या बगीचे में लगाना चाहिए। सफेद और पीले रंग के फूल घर के लिए शुभ माने जाते हैं।





