भ्रष्टाचार पर भजनलाल सरकार का करारा प्रहार: 21 अधिकारियों पर गिरी गाज, सीएम ने दिए सख्त आदेश
- byrajasthandesk
- 02 Apr, 2025

जयपुर: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार ने एक और कड़ा कदम उठाया है। सीएम ने भ्रष्टाचार से जुड़े 18 मामलों का निस्तारण करते हुए राज्य सेवा के 21 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और अभियोजन की कार्रवाई को हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा, सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत 5 मामलों में अभियोजन की अनुमति भी प्रदान की है।
भ्रष्ट अधिकारियों पर एक्शन तेज
राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त निर्णय लिए गए हैं। इनमें 4 अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए 4 सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन रोकने के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें से 2 मामलों में 100% पेंशन रोकने का फैसला लिया गया है। वहीं, 2 अन्य सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ प्रमाणित जांच के निष्कर्षों को सरकार ने मंजूरी दे दी है।
सेवारत अधिकारियों पर भी कसा शिकंजा
राज्य में सेवारत 7 अधिकारियों के खिलाफ 5 मामलों में कड़ी कार्रवाई की गई है। भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने के बाद सरकार ने इनकी वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी और दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
राजस्थान सरकार की सख्त नीति
भजनलाल सरकार ने सत्ता संभालने के बाद से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सरकार का मानना है कि अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक और अभियोजन की कार्रवाई से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
पिछले महीने भी सरकार ने 13 भ्रष्टाचार मामलों में कड़ी कार्रवाई करते हुए कई अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए थे। अब इस ताजा फैसले से राज्य में भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की दिशा में सरकार की मंशा और अधिक स्पष्ट हो गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के किसी भी मामले को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ अभियोजन की भी अनुमति दी जाएगी।
राजस्थान सरकार के इस कड़े कदम को राज्य में प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। आने वाले समय में भ्रष्टाचार पर सरकार की यह सख्त नीति किस तरह से असर दिखाती है, यह देखना दिलचस्प होगा।