BJP: भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में राहुल गांधी को दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस
- byShiv
- 31 Jul, 2026
इंटरनेट डेस्क। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में 29 जुलाई को राहुल गांधी की स्टूडेंट्स, इडियट्स, अंधभक्त वाली टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। ठाकुर ने इसे संसदीय मर्यादा के खिलाफ अपमानजनक और मानहानि करने वाली भाषा बताया है। साथ ही नियमों का उल्लंघन बताया है। हालांकि, राहुल गांधी ने जो बात सदन में कही थी, इडिएट और अंधभक्त को लेकर, उसे संसद की कार्यवाही से हटा दिया गया है।
क्या बोला था राहुल गांधी ने
मीडिया रिपोटर्स की माने तो राहुल गांधी ने 29 जुलाई को लोकसभा में चर्चा के दौरान किसी व्यक्ति का नाम न लेते हुए, बल्कि जंतर मंतर पर एक महिला छात्र से हुई बातचीत का हवाला दिया था, इसमें उन्होंने लोगों की तीन कैटेगिरी बताई थीं, इनमें एक स्टूडेंट, इडियट, और अंधभक्त बताई थीं। लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के समय नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ब्यौरा दिया था। इसमें उन्होंने बताया था कि स्टूडेंट वो होते हैं, जो खुले दिल और विचारों से सच्चाई के पीछे चलते हैं। इडियट छात्र के मुताबिक, वह अंहकारी व्यक्ति जो खुद को भगवान मानता है, किसी की नहीं सुनता है, अंधभक्त वह व्यक्ति होता है, जिसे पक्का यकीन होता है कि वह इडियट ही भगवान है। इस बयान पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई थी। इसके जवाब में राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा था कि वह सदन के अंदर किसी सदस्य या किसी का नाम लेकर यह बात नहीं कह रहे हैं, बल्कि छात्रों के कहे शब्दों को साझा कर रहे थे।
क्या हैं विशेषाधिकार हनन
विशेषाधिकार हनन यानी ब्रीच ऑफ प्रिवलेज तब होता है, जब संसद या विधानमंडल के किसी सदस्य या सदन के अधिकारों और विशेषाधिकारों का उल्लंघन या अपमान किया जाता है। विशेषाधिकार हनन का मुख्य कारण बाधा उत्पन्न करना होता है। गलत बयानबाजी, सदन, उसकी समितियों या सदस्यों पर झूठे और निराधार आरोप लगाता है। पीड़ित सांसद लोकसभा में अध्यक्ष या राज्यसभा में सभापति को विशेषाधिकार हनन का नोटिस देता है, यदि अध्यक्ष या सभापति इसे सही मानते हैं तो मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया जाता है, दोषी पाए जाने के बाद सदन व्यक्ति को चेतावनी, सदन से निलंबन या अन्य आवश्यक दंड दे सकता है।






