Budget 2026 से उम्मीदें: इंश्योरेंस पर ज्यादा डिडक्शन, मजबूत पेंशन और सीनियर सिटीजंस के लिए बड़ी राहत जरूरी
- byrajasthandesk
- 26 Jan, 2026
जैसे-जैसे यूनियन बजट 2026 की तारीख नजदीक आ रही है, टैक्सपेयर्स को बजट से बड़ी राहत की उम्मीद है। सरकार नई टैक्स रीजीम को भविष्य की रीजीम के तौर पर स्थापित करना चाहती है, लेकिन इसके साथ-साथ आम लोगों की वास्तविक वित्तीय चुनौतियों को हल करना भी जरूरी है।
आज लोग पहले से ज्यादा लंबा जीवन जी रहे हैं। हेल्थकेयर का खर्च तेजी से बढ़ रहा है और रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के साधन सीमित हो गए हैं। ऐसे में इंश्योरेंस, पेंशन और सीनियर सिटीजंस के लिए टैक्स राहत पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है।
Budget 2026 टैक्सपेयर्स के लिए क्यों अहम है?
पिछले कुछ वर्षों में:
- महंगाई तेजी से बढ़ी है
- मेडिकल खर्च ने बचत पर दबाव डाला है
- रिटायरमेंट के बाद आत्मनिर्भर रहना चुनौती बन गया है
अब लोग अपने रिटायरमेंट खर्चों की जिम्मेदारी खुद उठा रहे हैं। इसलिए बजट 2026 में सोशल सिक्योरिटी को मजबूत करने वाले कदम जरूरी हैं।
1. हेल्थ इंश्योरेंस पर ज्यादा डिडक्शन की जरूरत (सेक्शन 80D)
हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसके पीछे:
- मेडिकल इनफ्लेशन
- ज्यादा क्लेम
- बढ़ता कवरेज
जैसे कारण हैं। लेकिन सेक्शन 80D की डिडक्शन लिमिट कई सालों से नहीं बदली है।
फिलहाल:
- खुद और परिवार के लिए ₹25,000
- माता-पिता के लिए अतिरिक्त ₹25,000
- सीनियर सिटीजंस माता-पिता के लिए ₹50,000
जबकि एक अच्छी फैमिली हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम ₹40,000 से ₹60,000 तक होता है।
Budget 2026 से उम्मीद:
- खुद और परिवार के लिए डिडक्शन बढ़ाकर ₹50,000
- सीनियर सिटीजंस माता-पिता के लिए ₹75,000
2. पेंशन और रिटायरमेंट सेविंग्स को मजबूत करने की जरूरत
भारत में रिटायरमेंट प्लानिंग अभी भी कमजोर कड़ी बनी हुई है।
वर्तमान स्थिति में:
- SAF से NPS में ट्रांसफर टैक्स-फ्री है
- PF से NPS में ट्रांसफर टैक्सेबल है
विशेषज्ञों का मानना है कि PF से NPS ट्रांसफर को भी टैक्स-फ्री किया जाना चाहिए।
इसके अलावा:
- NPS में कर्मचारी के योगदान पर टैक्स बेनेफिट सीमित है
- FY26 से नई रीजीम में एम्प्लॉयर कंट्रिब्यूशन की लिमिट बढ़ाई गई है
- लेकिन कर्मचारियों को समान लाभ नहीं मिलता
Budget से अपेक्षा:
- कर्मचारी योगदान पर ज्यादा टैक्स राहत
- NPS को लंबी अवधि की बचत के लिए और आकर्षक बनाना
3. सीनियर सिटीजंस के लिए अतिरिक्त राहत जरूरी
सीनियर सिटीजंस:
- महंगाई
- मेडिकल खर्च
- फिक्स्ड इनकम पर निर्भरता
की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
अभी ओल्ड रीजीम में:
- सेक्शन 80TTB के तहत ₹50,000 तक इंटरेस्ट डिडक्शन
- ज्यादा बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट
मिलती है। लेकिन नई टैक्स रीजीम में यह राहत उपलब्ध नहीं है।
Budget 2026 से उम्मीद:
- नई रीजीम में भी 80TTB का लाभ
- सीनियर सिटीजंस के लिए बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाना
- दोनों रीजीम में समान सामाजिक सुरक्षा
अगर सरकार नई टैक्स रीजीम को भविष्य की रीजीम बनाना चाहती है, तो उसे हेल्थ इंश्योरेंस, रिटायरमेंट सेविंग्स और सीनियर सिटीजंस के हितों को प्राथमिकता देनी होगी।
Budget 2026 में संतुलित सुधार, पर्याप्त टैक्स राहत और मजबूत सोशल प्रोटेक्शन ही एक इंक्लूसिव टैक्स सिस्टम की नींव रख सकते हैं।






