8th Pay Commission: बेसिक सैलरी 34 हज़ार से ज़्यादा? 8वें वेतन आयोग में 'फिटमेंट फैक्टर' साबित होगा गेम चेंजर

pc: navarashtra

केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव लाने वाले 8th Pay Commission की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार सैलरी में बढ़ोतरी की दर 7th Pay Commission के मुकाबले ज़्यादा होने की संभावना है, और यह 18 से 24 परसेंट के बीच हो सकती है। इसमें ‘फिटमेंट फैक्टर’ सबसे अहम भूमिका निभाएगा।

सरकारी कर्मचारी अभी आठवें Pay Commission का इंतज़ार कर रहे हैं। हालांकि आठवां Pay Commission ऑफिशियली जनवरी 2026 से लागू हो गया है, लेकिन असल सैलरी बढ़ोतरी के लिए उन्हें कुछ समय और इंतज़ार करना होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर फिटमेंट फैक्टर 1.92 तय होता है, तो कर्मचारियों की मिनिमम बेसिक सैलरी सीधे 18,000 रुपये से 34,560 रुपये तक जा सकती है। यह पेंशनर्स के लिए भी अच्छी खबर है, क्योंकि मिनिमम पेंशन में भी बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

सैलरी बढ़ोतरी और फिटमेंट फैक्टर
आठवें Pay Commission के तहत सैलरी बढ़ोतरी मुख्य रूप से फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करती है। इससे कर्मचारियों में यह जानने की उत्सुकता है कि सैलरी कितनी बढ़ेगी और किस लेवल को सबसे ज़्यादा फ़ायदा होगा।

सबसे ज़्यादा फ़ायदा किसे होगा?
शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, लेवल 1 से लेवल 6 तक के कर्मचारियों को आठवें पे कमीशन से सबसे ज़्यादा फ़ायदा होने की संभावना है। इसके साथ ही, बढ़ती महंगाई के चलते डियरनेस अलाउंस (DA) में कितने परसेंट की बढ़ोतरी होगी, इस पर भी सबका ध्यान है।

लागू करना और एरियर
हालांकि यह कमीशन 2026 से लागू किया गया है, लेकिन इसे असल में लागू होने में 2027 तक का समय लग सकता है। हालांकि, कर्मचारियों को चिंता करने की कोई बात नहीं है, क्योंकि जनवरी 2026 से बीच का समय एरियर के तौर पर दिया जाएगा।

पे कमीशन क्या है?
केंद्र सरकार समय-समय पर पे कमीशन बनाती है। इसका काम सरकारी कर्मचारियों के पे स्ट्रक्चर का रिव्यू करना है। यह कमीशन महंगाई, आर्थिक स्थिति और सरकार की फ़ाइनेंशियल क्षमता को ध्यान में रखते हुए पे और अलाउंस में बदलाव की सिफारिश करता है। भारत में पहला पे कमीशन 1946 में बनाया गया था। तब से अब तक सात पे कमीशन लागू हो चुके हैं।

सातवें पे कमीशन के दौरान क्या हुआ था? सातवां पे कमीशन 2016 में लागू किया गया था। इसके तहत, सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज के लिए मिनिमम बेसिक पे ₹18,000 प्रति महीना तय किया गया था, जबकि मैक्सिमम बेसिक पे ₹2.5 लाख प्रति महीना तय किया गया था।

समय के साथ सैलरी कैसे बढ़ी है?
पे कमीशन के ज़रिए सरकारी एम्प्लॉइज की सैलरी में लगातार बढ़ोतरी की गई है।

पहला पे कमीशन (1946-47): मिनिमम पे ₹55, मैक्सिमम ₹2,000।

दूसरा पे कमीशन (1957-59): मिनिमम ₹80, मैक्सिमम ₹3,000।

तीसरा पे कमीशन (1972-73): मिनिमम ₹196, मैक्सिमम ₹3,500।

चौथा पे कमीशन (1986): मिनिमम ₹750, मैक्सिमम ₹8,000।

पांचवां वेतन आयोग (1996): न्यूनतम ₹2,550, अधिकतम ₹26,000.

छठा वेतन आयोग (2006): न्यूनतम ₹7,000, अधिकतम ₹80,000.

सातवां वेतन आयोग (2016): न्यूनतम ₹18,000, अधिकतम ₹2.5 लाख.