Guru Purnima 2026: जाने कब मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा, बन रहे इस दिन ये शुभ संयोग

इंटरनेट डेस्क। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और प्रीति व आयुष्मान योग के सुयोग में मनाया जाएगा। सनातन धर्म में गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान दिया गया है। मान्यता है कि गुरु की कृपा से जीवन में शांति, आनंद और मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

साधु-संतों का चातुर्मास प्रवास

गुरु पूर्णिमा से चातुर्मास तक परिव्राजक साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं। चातुर्मास का समय मौसम की दृष्टि से भी अध्ययन और साधना के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दौरान न अधिक गर्मी होती है और न अधिक सर्दी। धार्मिक मान्यता के अनुसार जैसे वर्षा से तपती धरती को शीतलता मिलती है और उसमें फसल पैदा करने की शक्ति आती है, वैसे ही गुरु के चरणों में रहने वाले साधकों को ज्ञान, शांति, भक्ति और योग शक्ति प्राप्त होती है।

वेद व्यास से जुड़ा है गुरु पूर्णिमा का पर्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऋषि पाराशर और देवी सत्यवती के पुत्र के रूप में वेद व्यास का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को हुआ था। भगवान गणेश के कहने पर उन्होंने महाभारत जैसे महाकाव्य की रचना की थी। वेद व्यास ने वेदों को चार वर्गों में वर्गीकृत किया था। इसी कारण आषाढ़ पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। गुरु पूर्णिमा का पर्व उनके प्रति सम्मान और गुरु परंपरा के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है।

गुरु पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
लाभ-अमृत मुहूर्त -सुबह 5.16 बजे से 8.36 बजे तक रहेगा। 
शुभ योग मुहूर्त - सुबह 10.16 बजे से 11.56 बजे तक है।
अभिजित मुहूर्त - दोपहर 11.29 बजे से 12.22 बजे तक रहेगा।

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