Gold ETF निवेश में ऐतिहासिक उछाल: जनवरी 2026 में भारत ने बनाया नया रिकॉर्ड, 98% मंथली ग्रोथ
- byrajasthandesk
- 09 Feb, 2026
भारत के गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) ने जनवरी 2026 में निवेश के नए रिकॉर्ड कायम कर दिए हैं। World Gold Council के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में भारतीय गोल्ड ETF में $2.49 बिलियन (2.49 अरब डॉलर) का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जो दिसंबर 2025 की तुलना में करीब 98% अधिक है।
यह लगातार आठवां महीना है जब भारत के गोल्ड ETF में नेट इनफ्लो दर्ज किया गया है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे और सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
2025 में भी मजबूत रहा गोल्ड ETF निवेश ट्रेंड
मार्च और मई 2025 को छोड़ दें, तो 2025 के लगभग हर महीने गोल्ड ETF में सकारात्मक निवेश देखने को मिला।
पूरे 2025 में गोल्ड ETF में कुल $4.68 बिलियन का इनफ्लो हुआ, जो 2024 के $1.29 बिलियन की तुलना में 262% अधिक रहा।
बीते वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- 2023 में भारतीय गोल्ड ETF में करीब $310 मिलियन का निवेश आया
- 2022 में यह आंकड़ा केवल $33 मिलियन था
यह स्पष्ट करता है कि पिछले कुछ वर्षों में गोल्ड ETF को लेकर निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है।
ग्लोबल लेवल पर भी गोल्ड ETF में जबरदस्त इनफ्लो
केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी गोल्ड ETF में रिकॉर्ड निवेश देखा गया। जनवरी 2026 में ग्लोबल गोल्ड ETF में $19 बिलियन का इनफ्लो दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे बड़ा मंथली इनफ्लो माना जा रहा है।
महीने के दौरान:
- निवेशकों ने फिजिकली-बैक्ड गोल्ड ETF में बड़े पैमाने पर खरीदारी की
- सोने की कीमतों में करीब 14% की तेजी आई
- ग्लोबल गोल्ड ETF का Assets Under Management (AUM) बढ़कर $669 बिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया
यह करीब 20% की मंथली ग्रोथ को दर्शाता है।
गोल्ड होल्डिंग्स भी रिकॉर्ड हाई पर
जनवरी के दौरान ग्लोबल गोल्ड ETF होल्डिंग्स में 120 टन की बढ़ोतरी हुई, जिससे कुल होल्डिंग 4,145 टन पर पहुंच गई — जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
यह दर्शाता है कि निवेशक अनिश्चित वैश्विक माहौल, महंगाई और जियोपॉलिटिकल रिस्क के बीच सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में अपना रहे हैं।
एशिया और अन्य क्षेत्रों में गोल्ड ETF का प्रदर्शन
जनवरी में एशियाई गोल्ड ETF में $10 बिलियन का इनफ्लो दर्ज किया गया, जो इस क्षेत्र के लिए अब तक का सबसे बड़ा मंथली इनफ्लो है। यह लगातार पांचवां महीना रहा जब एशिया में गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा।
इसके अलावा:
- नॉर्थ अमेरिका ने ग्लोबल गोल्ड ETF डिमांड को मजबूती दी
- यूरोप में भी भू-राजनीतिक और व्यापारिक तनाव के चलते गोल्ड ETF में मजबूत निवेश देखा गया
- सभी प्रमुख क्षेत्रों में जनवरी 2026 के दौरान नेट पॉजिटिव फ्लो दर्ज किया गया
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेश जारी
जनवरी 2026 के अंत में, Kevin Warsh को US Federal Reserve का नया चेयरमैन नामित किए जाने के बाद सोने की कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई। इससे पहले पूरे महीने सोने की कीमतों में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी, जिससे करेक्शन की आशंका बढ़ गई थी।
इसके बावजूद, महीने के आखिरी ट्रेडिंग डे पर भी गोल्ड ETF में नेट पॉजिटिव इनफ्लो बना रहा, जो निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है।
निवेशक गोल्ड ETF की ओर क्यों बढ़ रहे हैं?
विशेषज्ञों के मुताबिक, गोल्ड ETF में बढ़ते निवेश के पीछे कई कारण हैं:
- महंगाई से बचाव (Inflation Hedge)
- ग्लोबल जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता
- इक्विटी मार्केट में वोलैटिलिटी
- डॉलर और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
- फिजिकल गोल्ड की तुलना में ETF की आसान लिक्विडिटी
आगे का आउटलुक: क्या गोल्ड ETF में तेजी जारी रहेगी?
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर:
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है
- ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता जारी रहती है
- जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ता है
तो गोल्ड ETF में निवेश का ट्रेंड मजबूत बना रह सकता है। हालांकि, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से शॉर्ट-टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।
जनवरी 2026 भारत के गोल्ड ETF इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ है। रिकॉर्ड स्तर का निवेश यह दिखाता है कि निवेशक तेजी से सोने को सेफ-हेवन एसेट के रूप में अपना रहे हैं। आने वाले महीनों में भी अगर वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो गोल्ड ETF निवेश में और मजबूती देखने को मिल सकती है।






