लिफ्ट से शुरू हुआ खौफनाक सफर: रुद्रपुर में चलती कार में महिला से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला

रुद्रपुर को झकझोर देने वाली वारदात

उत्तराखंड के रुद्रपुर शहर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 25 वर्षीय महिला के साथ लिफ्ट देने के बहाने चलती कार में कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। यह घटना ट्रांजिट कैंप क्षेत्र की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता रोज़ की तरह सुबह पंतनगर स्थित अपने कार्यस्थल के लिए निकली थी। रास्ते में दो युवकों ने उसे गंतव्य तक सुरक्षित छोड़ने का भरोसा दिलाकर लिफ्ट दी। महिला ने उन पर विश्वास कर लिया, लेकिन यह भरोसा जल्द ही उसकी जिंदगी का सबसे भयावह अनुभव बन गया।

जब रोज़मर्रा की यात्रा बन गई डरावनी याद

महिला ने पुलिस को बताया कि कुछ दूरी तय करने के बाद आरोपियों ने जानबूझकर कार को सुनसान रास्ते की ओर मोड़ दिया। जब उसने इसका विरोध किया, तो उसकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद एक आरोपी पीछे की सीट पर चला गया और चलती गाड़ी में ही जबरदस्ती की।

घटना इतनी अचानक हुई कि महिला कुछ समझ पाती, उससे पहले ही दरिंदगी को अंजाम दे दिया गया। वारदात के बाद आरोपी उसे एक सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गए।

हिम्मत दिखाकर पुलिस तक पहुंची पीड़िता

घटना के बाद सदमे में होने के बावजूद पीड़िता ने साहस दिखाया और पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(1) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया।

अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को प्राथमिकता दी गई।

फॉरेंसिक सबूत बने जांच की अहम कड़ी

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की। सोमवार को पहले आरोपी (उम्र 34 वर्ष) को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली गई।

जिला फॉरेंसिक टीम ने वाहन की जांच के दौरान पीड़िता के बाल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने 36 वर्षीय दूसरे आरोपी को भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया।

SOG और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

इस पूरी कार्रवाई को स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और शहर पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सबूत मजबूत हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पीड़िता की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। पुलिस ने साफ किया है कि पीड़ित की गरिमा और निजता की रक्षा उनकी प्राथमिकता है।

महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अनजान लोगों से लिफ्ट लेते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें।

रुद्रपुर की यह घटना समाज और प्रशासन—दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है।