Mokshada Ekadashi 2025: जाने कब हैं मोक्षदा एकादशी, रखें इन बातों का विशेष ध्यान, रहेगा इस बार भद्रा का साया
- byShiv
- 22 Nov, 2025
इंटरनेट डेस्क। एकादशी का हिंदू धर्म में बहुत बड़ा महत्व है। एकादशी का व्रत रखने और पूजा पाठ करने से ही लोगों को बड़ा लाभ मिलता है। वैसे मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी भी पास में हैं और इसे मोक्षदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन सृष्टि के संचालक विष्णु महाराज की उपासना का विधान है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को सद्बुद्धि और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती हैं। तो जानते हैं इस बार यह व्रत कब हैं।
कब रखा जाएगा व्रत
इस वर्ष यह कल्याणकारी व्रत 1 दिसंबर 2025 को रखा जा रहा है। हालांकि, इस दिन भद्रा का साया बना रहेगा। ज्योतिषियों के मुताबिक, साल 2025 में मोक्षदा एकादशी पर सुबह 8 बजकर 20 मिनट से शाम 7 बजकर 1 मिनट तक भद्रा है। इसके अलावा सुबह 6.56 से रात 11.18 बजे तक पंचक भी रहेंगे। ऐसे में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता रहेगी।
मोक्षदा एकादशी तिथि का प्रारंभ 30 नवंबर 2025 को रविवार रात 09.29 मिनट पर होगा।
तिथि का समापन 1 दिसंबर 2025 को शाम 07 बजकर 1 मिनट पर है।
मोक्षदा एकादशी का व्रत 1 दिसंबर 2025 को मान्य होगा।
2 दिसंबर को सुबह 6 बजकर 57 मिनट से सुबह 9 बजकर 3 मिनट तक आप व्रत का पारण कर सकते हैं।
मोक्षदा एकादशी पर क्या करें और क्या न करें
मोक्षदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा अवश्य करनी चाहिए। साथ ही प्रभु को केले, पंजीरी, पंचामृत और पीली मिठाई का भोग लगाना चाहिए। यह बेहद शुभ होता है। इसके प्रभाव से साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती हैं। मोक्षदा एकादशी पर माता लक्ष्मी की आराधना भी अवश्य करें। यह बेहद शुभ होता है।
एकादशी के दिन चावल का सेवन करने से बचें। यह उचित नहीं होता है। इसके अलावा आप तामसिक भोजन भी ग्रहण न करें।
मोक्षदा एकादशी पर आप तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं और सुबह- शाम दीपक जलाएं। इस दौरान पौधे की परिक्रमा भी करें।
pc- abp news






