Nirjala Ekadashi 2026: कब हैं निर्जला एकादशी का व्रत, इस व्रत को करने से पहले जान ले आप भी इससे जुड़े नियम
- byShiv
- 28 May, 2026
इंटरनेट डेस्क। हिंदू धर्म के ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली निर्जला एकादशी बहुत बड़ा त्योहार है। क्योंकि यह सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रत है। मान्यता है कि, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से बड़े से बड़े संकटों का निवारण होता है। कहते हैं कि, जो भी सच्चे भाव से निर्जला एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें वर्षभर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। यही वजह है कि इस व्रत को बेहद खास माना जाता है।
कब हैं व्रत
साल 2026 में निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून, गुरुवार को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण 26 जून, शुक्रवार को सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 8 बजकर 13 मिनट के बीच किया जाएगा। हालांकि, यह व्रत सामान्य उपवास की तरह नहीं माना जाता, क्योंकि इसमें पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। ऐसे में व्रत रखने से पहले कुछ जरूरी नियमों को जान ले।
जरूरी नियम
निर्जला एकादशी का व्रत दशमी तिथि की रात से ही प्रारंभ हो जाता है। इसलिए इस दिन तामसिक भोजन, लहसुन-प्याज और अन्न का त्याग कर देना चाहिए।
शास्त्रों की मानें, तो निर्जला एकादशी व्रत में सूर्याेदय से लेकर अगले दिन द्वादशी तिथि तक जल ग्रहण नहीं किया जाता। इसलिए इस अवधि में कुछ भी ग्रहण करनेकी भूल न करें।
निर्जला एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की पूजा करें। प्रभु को तुलसी दल के साथ पंचामृत का भोग लगाए।
इसके बाद पूरे दिन ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है। साथ ही मन शांत और सकारात्मक भी रहता है।
निर्जला एकादशी अधिक गर्मी के बीच पड़ती है। ऐसे में जल से जुड़ी चीजों का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
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