बच्चे के नाम PPF खाता खोल रहे हैं? इन आम गलतियों से बचें, वरना फंस सकता है पैसा और घट सकता है ब्याज
- byrajasthandesk
- 30 Jan, 2026
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF लंबे समय के सुरक्षित निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में गिना जाता है। यह न सिर्फ टैक्स बचत देता है बल्कि स्थिर और टैक्स-फ्री रिटर्न भी सुनिश्चित करता है। यही वजह है कि कई माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए उनके नाम पर माइनर PPF अकाउंट खोलते हैं।
लेकिन नियमों की पूरी जानकारी न होने पर कुछ ऐसी गलतियां हो जाती हैं, जिनसे ब्याज का नुकसान, पैसा फंसने और आगे चलकर अकाउंट संचालन में दिक्कतें आ सकती हैं।
सालाना निवेश सीमा को लेकर सबसे बड़ी भूल
अक्सर लोग सोचते हैं कि वे अपने PPF खाते में ₹1.5 लाख और बच्चे के माइनर PPF खाते में अलग से ₹1.5 लाख जमा कर सकते हैं। जबकि नियम इसके उलट है।
गार्जियन के अपने PPF खाते और उसके द्वारा खोले गए सभी माइनर PPF खातों को मिलाकर कुल सालाना निवेश सीमा सिर्फ ₹1.5 लाख ही है।
अगर इससे ज्यादा पैसा जमा कर दिया गया तो अतिरिक्त रकम पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा और वह राशि बेकार पड़ी रह सकती है, जिससे कुल रिटर्न घट जाता है।
गार्जियन की पूरी जिम्मेदारी
जब तक बच्चा 18 साल का नहीं हो जाता, अकाउंट का संचालन वही गार्जियन करता है जिसने खाता खोला है। जमा, निकासी, फॉर्म भरना, अपडेट कराना – सब कुछ गार्जियन के जिम्मे होता है।
यह मान लेना कि बच्चा बालिग होते ही अकाउंट अपने आप अपडेट हो जाएगा, एक बड़ी गलती साबित हो सकती है।
18 साल पूरे होते ही जरूरी है अकाउंट अपडेट
बच्चे के 18 वर्ष के होते ही अकाउंट को माइनर से मेजर में बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।
इसके लिए बैंक या पोस्ट ऑफिस में आवेदन देकर बच्चे के:
- उम्र का प्रमाण
- पहचान पत्र
- केवाईसी दस्तावेज
जमा करने होते हैं।
अगर यह काम समय पर नहीं किया गया तो जमा या निकासी जैसी सुविधाएं रुक सकती हैं और अकाउंट आंशिक रूप से फ्रीज भी हो सकता है।
दस्तावेजों में छोटी गलती, बड़ी परेशानी
नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि या अन्य जानकारी में अंतर होने पर संस्थान अकाउंट को रोक सकते हैं। बाद में सुधार की प्रक्रिया लंबी और झंझट भरी हो सकती है।
इसलिए खाता खोलते समय ही जन्म प्रमाणपत्र, आधार और बैंक रिकॉर्ड में एक जैसा नाम और विवरण होना बेहद जरूरी है।
फिर भी क्यों फायदेमंद है माइनर PPF
सही तरीके से चलाया जाए तो माइनर PPF बच्चों के लिए मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच बन सकता है।
इसके फायदे हैं:
- सरकारी गारंटी वाली सुरक्षा
- टैक्स-फ्री ब्याज
- लंबे समय तक चक्रवृद्धि का फायदा
- 18 साल के बाद भी परिपक्वता तक जारी रखने की सुविधा
ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें
- कुल सालाना निवेश ₹1.5 लाख से ज्यादा न होने दें (गार्जियन + माइनर मिलाकर)।
- सभी दस्तावेजों में सही और समान जानकारी रखें।
- बच्चा 18 साल का होते ही अकाउंट को मेजर में अपडेट कराएं।
- 18 साल तक अकाउंट की पूरी जिम्मेदारी गार्जियन की ही होती है।
छोटी लापरवाही से कम हो सकता है बड़ा फायदा
माइनर PPF अकाउंट बच्चों के भविष्य के लिए शानदार निवेश साधन है, लेकिन नियमों की अनदेखी से ब्याज का नुकसान और पैसों के फंसने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
सही जानकारी, तय सीमा के भीतर निवेश और समय पर दस्तावेज अपडेट करके यह खाता लंबे समय में बच्चों के लिए बड़ा, सुरक्षित और टैक्स-फ्री फंड तैयार कर सकता है।




