इंटरनेट डेस्क। अधिकमास में आने वाली परमा एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। यह एकादशी 3 साल में एक बार आती है। सभी एकादशी व्रत की तरह यह परमा एकदशी भी भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होती है। वैसे तो पूरे साल कुल 24 एकादशी व्रत रखे जाते हैं, लेकिन जब अधिकमास का संयोग बनता है तब कुल 26 एकादशी व्रत पड़ते हैं। दो अतिरिक्त एकादशी में अधिकमास शुक्ल पक्ष में पद्मिनी एकादशी और कृष्ण पक्ष में परमा एकादशी व्रत रखा जाता है।
असमंजस की बन रही स्थिति
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर परमा एकादशी व्रत रखा जाएगा। लेकिन तिथि को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लोगों के मन में भ्रम है कि व्रत 11 जून को रखा जाएगा या 12 जून को। अगर आप भी परमा एकादशी की तिथि को लेकर कंफ्यूज हैं तो यहां जानें व्रत की सही तिथि और पूजा का मुहूर्त।
परमा एकादशी व्रत कब
पंचांग के अनुसार बुधवार 11 जून 2026 को परमा एकादशी का व्रत रखना मान्य रहेगा। एकादशी तिथि की शुरुआत 10 जून देर रात 12 बजकर 57 मिनट से लग जाएगी और 11 जून रात 10 बजकर 36 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। ऐसे में 11 जून को उदयातिथि के साथ ही पूरे दिन एकादशी तिथि का प्रभाव रहेगा, इसलिए 11 जून को ही परमा एकादशी व्रत रखा जाएगा।
परमा एकादशी व्रत- बुधवार 11 जून 2026
शुभ उत्तम मुहूर्त- 11 जून सुबह 5.23 से 07.07 तक
ब्रह्म मुहूर्त- 11 जून सुबह 04.02 से 04.42 तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11.53 से दोपहर 12.49 तक
लाभ उन्नति मुहूर्त- दोपहर 12.21 से 02.05 तक
शुभ योग- परमा एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि और शोभन योग रहेगा
पारण का समय- 12 जून सुबह 05.23 से 08.10 तक
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