Putrada Ekadashi 2026: संतान प्राप्ति के लिए क्यों खास है पुत्रदा एकादशी? जाने कैसे करें पूजा
- byShiv
- 22 Aug, 2026
इंटरनेट डेस्क। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान सुख, संतान की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है।
23 अगस्त को रखा जाएगा पुत्रदा एकादशी का व्रत
पंचांग के अनुसार, इस बार पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। एकादशी तिथि 23 अगस्त की रात करीब 2 बजे शुरू होकर 24 अगस्त की सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, 23 अगस्त को ही एकादशी का व्रत रखा जाएगा। व्रत का पारण 24 अगस्त 2026 को किया जाएगा।
संतान प्राप्ति के लिए क्यों खास है पुत्रदा एकादशी?
ज्योतिषियों के मुताबिक, पुत्रदा एकादशी को संतान प्राप्ति और संतान की सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन दंपतियों को संतान प्राप्ति की इच्छा है, वे इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं और संतान सुख की कामना कर सकते हैं।
ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा
पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के पूजा स्थान की साफ-सफाई करें, एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
सबसे पहले भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रणाम करके व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान विष्णु को गंगाजल से स्नान कराएं, उन्हें पीले फूल, अक्षत और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। भगवान को ऋतु फल का भोग लगाएं और विधि-विधान से आरती करें। पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है, आप ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप कर सकते हैं।
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