Sawan Shivratri 2026: सावन शिवरात्रि आज, पूजा में भूल से भी नहीं करें आप ये गलती, नहीं तो पूजा रह जाएगी...

इंटरनेट डेस्क। सावन का महीना चल रहा हैं और भोले के भक्तों के लिए यह सबसे पवित्र महीना है। इस महीने में सावन शिवरात्रि भी आती है। शिव भक्तों के लिए बेहद खास मानी जाती है। ऐसे में आज सावन शिवरात्रि मनाई जा रही है। इस दिन देशभर के मंदिरों में हर महादेव की गूंज होती है। लेकिन कई बार हम अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे पूजा अधूरी रह जाती है। अगर आप भी इस सावन शिवरात्रि पर व्रत रख रहे हैं या शिवालय जा रहे हैं, तो पूजा के इन नियमों का खासतौर पर ध्यान रखें।

हल्दी-सिंदूर की जगह भस्म और चंदन चुनें
शिवलिंग को वैराग्य और पुरुष तत्त्व का प्रतीक माना जाता है, जबकि हल्दी और सिंदूर सौभाग्य व श्रृंगार की वस्तुएं हैं। इसलिए शिवलिंग पर हल्दी या सिंदूर चढ़ाने के बजाय भस्म, सफेद चंदन या अक्षत अर्पित करना ही शुभ होता है।

केतकी और तुलसी से दूरी बनाएं
भगवान शिव की पूजा में केतकी के फूल कभी नहीं चढ़ाए जाते। पौराणिक कथा के अनुसार, एक असत्य का साक्षी बनने के कारण महादेव ने केतकी के फूल को अपनी पूजा से त्याग दिया था।

खंडित बेलपत्र और शंख का इस्तेमाल न करें
महादेव को बेलपत्र बहुत प्रिय है, लेकिन वह कहीं से कटा-फटा या टूटा नहीं होना चाहिए। बेलपत्र हमेशा साफ-सुथरा और तीन पत्तियों वाला ही अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा, शिवपुराण के अनुसार दैत्य शंखचूड़ का वध शिवजी ने किया था, इसलिए शंख से जल या दूध चढ़ाना मना किया जाता है।

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