Sonam Wangchuk: अनशन तोड़ने पर सवाल उठा रहे लोगों पर भड़के वांगचुक, धिक्कार हैं ऐसे देश पर...मुझे ईमानदारी साबित करने की

इंटरनेट डेस्क। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार रात वीडियो मैसेज जारी कर अपना अनशन तोड़ने पर सवाल उठा रहे लोगों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर धिक्कार है, जो उनकी निष्ठा पर शक जता रहे हैं। वे उन पर सरकार के साथ डील करने का आरोप लगा रहे हैं, अगर डील ही करनी होती तो लद्दाख के एसी रूम में बैठकर भी की जा सकती थी। इस तरह दिल्ली की तेज गर्मी में 26 दिन अनशन करने की क्या जरूरत थी। उन्होंने आगे कहा कि क्या मुझे अब भी अपनी ईमानदारी साबित करने की जरूरत है। 

क्या कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होगा
मीडिया रिपोटर्स की माने तो अपने वीडियो मैसेज में सोनम वांगचुक ने कहा, यह वीडियो मैं थोड़ा गम और गुस्से के साथ बना रहा हूं। अपने भाइयों और बहनों के लिए 26 दिनों तक भूखा रहने के बाद, जिसमें कि मेरा 11 किलो वनज कम हो चुका है। मेरे मसल्स चले गए हैं, ऑर्गन और दिमाग पर गंभीर नुकसान पहुंचा है, वो भी लद्दाख की कड़कती ठंड से दिल्ली की तेज धूप में बैठकर ये सब करने के बाद क्या मुझे किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना होग।

पूछा जा रहा कि क्या मैंने डील कर ली
मीडिया रिपोटर्स की माने तो भावुक दिख रहे वांगचुक ने आगे कहा, मैंने अनशन क्यों तोड़ा, किसके हाथों तोड़ा, उसके हाथों क्यों नहीं तोड़ा। क्या डील हुई, क्या सौदा हुआ। क्या अब मुझे इसका जवाब देना होगा, मैं अब कल से लिक्विड फूड ले रहा हूं तो शरीर में थोड़ी जान आई है। लेकिन दुर्भाग्य से अपनी वो ताकत मुझे अपनी सफाई देने में देनी पड़ी रही है, सुबह से कई लोग मुझे फोन करके या पोस्ट दिखाकर  कह रहे हैं कि आप पर कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा अगर मुझे डील करनी होती तो क्या मैं आलीशान एसी कमरे में बैठकर नहीं कर सकता है, क्या इसके लिए मुझे दिल्ली की तपती गर्मी में जलना पड़ता, धिक्कार है ऐसे देश पर, जिसमें ऐसे दिमागों की उपज होती है, जिसमें ऐसे नीच ख्यालात निकलते हैं।

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